पीजीआई कर्मी के पति को नहीं मिला बेड, मौत
नर्सिंग कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, सीएमएस के साथ हुई वार्ता में चार बेड आरक्षित
इमरजेंसी में भी कर्मचारियों के लिए आरक्षित होंगे बेड
पीजीआई की इमरजेंसी व्यवस्था बेपटरी हो गई है। यहां संस्थान के कर्मचारियों को भी इलाज नहीं मिल पा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि सोमवार रात नर्सिंग कर्मी के पति को इलाज नहीं मिला, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर बुधवार को पीजीआई के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। देर शाम सीएमएस के साथ हुई वार्ता में कर्मचारियों के लिए चार बेड आरक्षित किए गए हैं। जल्द ही इमरजेंसी मेंभी बेड आरक्षित करने का आश्वासन दिया गया है।
कर्मचारियों का आरोप हैकि पीजीआई की स्टाफ नर्स तबिता केपति विलसेंट दास (47) की सोमवार रात तबीयत बिगड़ गई। परिवारीजन उन्हें इमरजेंसी में ले आए। यहां बेड खाली न होने की दुहाई दी गई। आरोप है कि इमरजेंसी में कार्यरत चिकित्सक ने उनकी बात नहीं सुनी। मरीज रातभर स्ट्रेचर पर पड़ा रहा, लेकिन इलाज की व्यवस्था नहीं की गई। मरीज के परिवारीजनों का आरोप था कि देर रात इमरजेंसी केचिकित्सक ने मरीज को क्रिटिकल केयर मेडिसिन (सीसीएम) वार्ड रेफर कर दिया। परिवारीजन उन्हें लेकर सीसीएम वार्ड पहुंचे, जहां बेड नहीं होने की दुहाई दी गई। ऐसे में यहां भी मरीज को इलाज नहीं मिल पाया। पूरी रात भागदौड़ चलती रही, लेकिन मरीज को इलाज नहीं मिला। मंगलवार सुबह सांसें उखड़ने लगीं। इस तबिता ने फोन कर संगठन के पदाधिकारियों को जानकारी दी। कई कर्मचारी मौके पर पहुंचे तब जाकर इलाज शुरू हुआ, लेकिन कुछ देर में ही विलसेंट की मौत हो गई। इस बात को लेकर कर्मचारियों ने हंगामा किया। इमरजेंसी के चिकित्सकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
धरना-प्रदर्शन के बाद मिले चार बेड
स्टाफ नर्स केपति की मौत से गुस्साए नर्सिंग कर्मचारियों ने बुधवार को जबरदस्त प्रदर्शन किया। कार्र्य ठप करने की धमकी दी। इस पर देर शाम सीएमएस प्रो. अमित अग्रवाल केसाथ कर्मचारियों की वार्ता हुई। इसमें तय किया गया कि चार बेड आरक्षित कर दिए जा रहे हैं। जल्द ही छह बेड इमरजेंसी में दिए जाएंगे। इस दौरान कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष सावित्री सिंह, नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा शुक्ला और महामंत्री सुजान सिंह, सतीश मिश्रा, मदन मुरारी सिंह आदि मौजूद रहे।
जांच कर होगी कार्रवाई
कर्मचारियों से सीएमएस की वार्ता हुई है। चार बेड दिए गए हैं। नर्सिंग स्टाफ ने इलाज में लापरवाही संबंधी शिकायती पत्र नहीं दिया है। शिकायत मिलेगी तो जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एके त्रिपाठी, निदेशक पीजीआई