गौरैया संस्कृति संस्थान की ओर से चल रही कार्यशाला के सातवें दिन महिलाओं ने राष्ट्रभक्ति और संस्
लखनऊ। गौरैया संस्कृति संस्थान की ओर से चल रही कार्यशाला के सातवें दिन महिलाओं ने राष्ट्रभक्ति और संस्कार गीतों की प्रस्तुतियां दीं। गोमतीनगर में आयोजित कार्यशाला वसंत बहार में बुधवार को फाइनल प्रतियोगिता के लिए रिहर्सल किया गया। संस्थान की अध्यक्ष रंजना मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार को रिहर्सल का अंतिम दिन होगा। इसमें कई महिलाएं ऑनलाइन भी जुड़ रही हैं।
ढोलक और हारमोनियम पर देशज अंदाज में महिलाओं ने चलै महादेव गौरा बियाहन..., आज हमका दिहू वरदान चलो री गुइयां..., राज जनक जी के... गंगा नहाए..., सखि छोटी ननद बेंदे पे अड़ी... और गोकुल में बाजेला बधइया.. जैसे गीतों की प्रस्तुतियां दीं। संस्था की उपाध्याय आभा शुक्ला ने बताया कि कार्यशाला में अल्पना श्रीवास्तव, नीलम तिवारी, माधुरी सिंह, प्रतिमा त्रिपाठी, रीना सिंह, शशि सिंह, अवनीश शुक्ला, अमिता, निकिता, सुषमा, कविता, प्रतिमा त्रिपाठी के अलावा ऑनलाइन सतना से लता तिवारी आदि ने प्रतिभाग किया। ढोलक पर छवि प्रकाश और हारमोनियम पर आकाश तिवारी ने साथ दिया। (माई सिटी रिपोर्टर)
गौरैया संस्कृति संस्थान की ओर से चल रही कार्यशाला के सातवें दिन महिलाओं ने राष्ट्रभक्ति और संस्
गौरैया संस्कृति संस्थान की ओर से चल रही कार्यशाला के सातवें दिन महिलाओं ने राष्ट्रभक्ति और संस्