उत्तर प्रदेश में नेपाल सीमा से लगे जिलों के आदिवासी अब झोलाछाप के सहारे नहीं रहेंगे। उनके उपचार के लिए राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयू, लोहिया संस्थान, पीजीआई और कैंसर संस्थान के विशेषज्ञ गांवों में पहुंचेंगे। जिन मरीजों में सर्जरी की जरूरत होगी उन्हें लखनऊ लाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। रविवार को विभिन्न जिलों में बैठक करके शिविर के स्थान तय किए गए।
श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास के सचिव डॉ भूपेंद्र सिंह ने बताया कि विभिन्न संस्थानों की ओपीडी में आदिवासी इलाके के मरीज तब पहुंचते हैं जब वे बीमारी से पूरी तरह ग्रसित हो जाते हैं। ऐसे में संगठन से जुड़े चिकित्सा संस्थानों की फैकल्टी, रेजीडेंट सभी ने तय किया कि टीम बनाकर आदिवासी इलाकों मरीजों को चिह्नित कर उन्हें समय से इलाज मुहैया कराएंगे।
नेशनल मेडिकोज आर्गनाइजेशन के महामंत्री शिवम मिश्रा ने बताया कि करीब दो हजार गांवों में ये शिविर लगाए जाएंगे। अंतिम दिन हर जिला या तहसील मुख्यालय में मेगा कैंप लगेगा ताकि अन्य लोगों को भी शिविर का फायदा मिल सके। कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम योगी आदित्यनाथ वर्चुअल करेंगे।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण, सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर आदि अलग-अलग जिलों में जाकर शिविरों का उद्घाटन करेंगे। संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री व अन्य मंत्री भी हिस्सा लेंगें। कार्यक्रम में सेवा भारती, एकल अभियान, सीमा जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, आरोग्य भारती जैसे संगठन मदद करेंगे।