गोमती स्वच्छता अभियान के तहत गंगा स्नान पर विभिन्न संस्थाएं एकजुट होकर आयोजन करेंगी। 16 और 17 नवंबर को राजधानी में गोमा के कई घाटों पर विशेष पूजन होगा।
जिसमें गोमती संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं के अलावा आर्ट ऑफ लिविंग, शिक्षक संगठन, एनएसएस और एनसीसी कैडेट्स भी शामिल होंगे।
सबसे बड़ा आकर्षण देव दिवाली पर गोमा तट पर दीपों से शृंगार और वाराणसी जैसी भव्य आरती होगी।
गोमती संरक्षण अभियान समन्वय समिति की बैठक हजरतगंज में चौपड़ अस्पताल स्थित लोक भारती कार्यालय परिसर में हुई।
बैठक में बताया गया कि गोमती अभियान को समाज से जोड़ने के लिए 16 व 17 नवंबर को विभिन्न घाटों पर गोमती पूजन व संकल्प कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
16 नवंबर को सुबह 8:00 बजे से शनिदेव घाट पर विशेष पूजन होगा। 17 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर सुबह 8:00 बजे से झूलेलाल पार्क और चित्रगुप्त घाट पर पूजन व संकल्प कार्यक्रम होगा।
बैठक में महंत राम सेवक दास, विशाल मल्होत्रा, अरुण कुमार, अजय प्रकाश, सुरेश पति त्रिपाठी, दिनेश सिंह, गोस्वामी जी, अर्पित साहू, भास्कर अस्थाना, हृदय नारायण श्रीवास्तव, विंध्यवासिनी कुमार, कृष्णानंद राय, गोपाल उपाध्याय, लोक भारती के संगठन सचिव बृजेंद्र पाल सिंह उपस्थित रहे।
जगमगाएगा कुड़ियाघाट
16 नवंबर को शाम 6:00 से 7:30 बजे तक कुड़ियाघाट पर देव दिवाली का आयोजन गोमती जलजीवन समिति करेगी।
समिति के ऋद्धि किशोर गौड़ ने बताया कि करीब 1000 दीपों से गोमती तट को सजाया जाएगा। इस मौके पर महापौर डॉ. दिनेश शर्मा, मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरि मौजूद रहेंगी। आठ साल से यह आयोजन किया जा रहा है।