अयोध्या ढांचा ध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का बयान गुरुवार को विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव की कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दर्ज किया गया। जोशी ने अपने बयान में कहा कि वे निर्दोष हैं। पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। उन्हें फर्जी फंसाया गया है।
मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का बयान शुक्रवार को दर्ज होगा। वहीं, बृहस्पतिवार को जोशी से कुल 1050 प्रश्न पूछे गए। लेकिन ज्यादातर सवालों के जवाब में उन्होंने मामले को राजनीति से प्रेरित होना बताया।
कहा कि गवाहों ने झूठे बयान दर्ज कराए गए। सुबूत के तौर पर अदालत में दाखिल किए गए समाचार पत्रों की खबरों का खंडन करते हुए जोशी ने कहा है कि गलत खबरों को विवेचना में शामिल किया गया है।
साक्ष्य में दाखिल वीडियो कैसेट को भी फर्जी बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे छेड़छाड़ हुई है। राजनीतिक दबाव में गलत ढंग से विवेचना कर झूठे साक्ष्य संकलित किए। जोशी ने कहा है कि वे अपने को निर्दोष साबित करने के लिए समय आने पर साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।
बता दें कि विशेष न्यायाधीश एस के यादव ने अपने आदेश में बयान दर्ज करने की तारीख तय की थी। वहीं, 22 जुलाई को अदालत में सतीश प्रधान का भी बयान दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को विशेष अदालत में आरोपी सुधीर कक्कड़ का बयान दर्ज किया गया था। वह व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए थे।