लखनऊ। अंग्रेजी बोलना जरूरी नहीं है। उससे ज्यादा जरूरी है किसी विषय को जानना और समझना। भाषा कोई भी हो आपके पास किसी विषय की सही जानकारी नहीं है तो अंग्रेजी बोलना भी व्यर्थ है, इसलिए जरूरी है कि पहले ज्ञाता बनें और फिर किसी भाषा के जानकार।
इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोडक्टिविटी एंड मैनेजमेंट (आईपीएम) में शनिवार को आयोजित डिग्री के बाद क्या.. कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को कॅरिअर की दिशा दी। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति जय मंगल शर्मा ने कहा कि आर्ट, कॉमर्स, विज्ञान, गणित या किसी भी विषय को कम नहीं समझना चाहिए। हर विषय और क्षेत्र की अपनी उपलब्धि है। यदि किसी विषय के जानकार हैं और सही दिशा में मेहनत करने की लगन है तो सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। वक्ताओं ने पेशेवर अनुभवों से विद्यार्थियों को उद्योग की अपेक्षाओं, कौशल विकास और कॅरिअर योजना के महत्व के बारे में बताया।
आईपीएम की निदेशक डॉ. समिना रफात ने कहा कि डिग्री केवल योग्यता देती है, लेकिन सही शिक्षा, कौशल विकास और उचित मार्गदर्शन स्थायी सफलता की नींव रखते हैं। कार्यक्रम में लखनऊ एवं आसपास के क्षेत्रों के महाविद्यालयों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी शामिल हुए। अवसर पर हाशिम खान, प्रो. अमित कुमार गोयल, डॉ. तपस्या सिंह आदि थे।