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बेटी की शादी से पहले सपा कार्यकर्ता की मौत, पुलिस बोली कुर्सी से गिरकर गई जान

Sat, 14 Jan 2017 11:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो प‌िक - फोटो : demo pic
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लखनऊ के हुसैनगंज स्थित ओसीआर बिल्ड‌िंग के 13वें फ्लोर पर फ्लैट नंबर 1302 में रहने वाले सपा कार्यकर्ता संजय पांडेय (50) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उनका शव फ्लैट में फर्श पर औंधे मुंह पड़ा मिला। 
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सिर के दायें हिस्से में चोट का निशान था। कमरे व किचन में शराब की कई खाली बोतलें पड़ी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो दिन पहले मौत की पुष्टि हुई है। मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा व ह्रदय सुरक्षित रखा गया है। पुलिस इसे सामान्य हादसा बता रही है लेकिन, फ्लैट के दरवाजे खुले होने से पूरा घटनाक्रम संदेह के घेरे में है। परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। 

इंस्पेक्टर अखिलेश पांडेय ने बताया कि संजय पांडेय मूलरूप से इलाहाबाद के करछना के रहने वाले थे। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे समाचार पत्र वितरक फ्लैट पर पहुंचा तो पता चला कि दो दिन के अखबार बाहर ही पड़े थे। 
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डेमो प‌िक - फोटो : demo pic
अखबार वाले ने डोरबेल बजाई लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। धक्का देने पर दरवाजा खुल गया। वह अंदर गया तो पाया कि संजय फर्श पर औंधे मुंह पड़े थे। नाक से निकला खून सूखकर काला पड़ चुका था। पुलिस से सूचना पाकर भाई संजीव लोचन व फूलचंद्र सहित अन्य परिवारीजन मौके पर आ गए। 

संजीव ने बताया कि पिता ने कपिलदेव समाजवादी फाउंडेशन संस्था बनाई थी जिसका संचालन संजय ही करते थे। इसी फाउंडेशन के नाम पर ओसीआर का फ्लैट आवंटित हुआ था। पुलिस को कमरे में शराब की दो-तीन खाली बोतलें मिलीं। किचन में भी चार-पांच खाली बोतलें पड़ी हुईं थीं।

पुलिस के मुताबिक, संजय की मौत शराब के नशे में कुर्सी से गिरने से हुई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि संजय घर पर अकेले ही थे। परिस्थितिजन्य सुबूतों के मुताबिक, वह कुर्सी पर बैठकर शराब पी रहे थे। 
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अगले महीने है बेटी की शादी

डेमो प‌िक - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
इस दौरान संतुलन बिगड़ने से वह मुंह के बल गिर पड़े। सिर पर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। पुलिस का यह भी कहना है कि संजय के फ्लैट का दरवाजा अक्सर खुला ही रहता था। उधर, परिवारीजन मौत के पीछे किसी साजिश की आशंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि संजय की साजिशन हत्या की गई है। 

परिवारीजनों ने बताया कि संजय एक राज्यमंत्री के असिस्टेंट भी थे। मदद मांगने के लिए राज्यमंत्री को फोन किया तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कहते हुए फोन काट दिया। दोबारा फोन करने पर उन्होंने व्यस्त होने की बात कहते हुए टरका दिया।

संजय की पत्नी का कई साल पहले देहांत हो चुका है। परिवार में बेटी बुलबुल व बेटा मुकेश हैं। बुलबुल की अगले महीने शादी है। 
संजय बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे थे। उनकी मौत की खबर सुनते ही दोनों बच्चे लखनऊ आ गए। पिता का शव देखते ही बुलबुल गश खाकर गिर पड़ी। परिवारीजनों ने किसी तरह उसे संभाला। 
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