सपा की राज्य कार्यकारिणी की घोषणा कुछ दिनों के लिए अटक गई है। इस पर अभी और मंथन किया जाएगा।
प्रदेश इकाई के विस्तार में भाजपा के पिछड़ा कार्ड खेलने से भी सपा की प्रस्तावित कार्यकारिणी में कुछ फेरबदल किया जाएगा।
लोकसभा चुनाव में उम्मीद के मुताबिक रिजल्ट नहीं आने पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अध्यक्ष को छोड़कर सपा की प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर दी थी। तभी से इसके पुनर्गठन की चर्चाएं चल रही हैं।
सपा ने राज्य इकाई को लेकर होमवर्क लगभग पूरा कर लिया है। इस बीच, भाजपा ने प्रदेश इकाई का विस्तार कर इसमें पिछड़ों और दलितों को तरजीह दी है।
ऐसा माना जा रहा है कि सपा प्रदेश कार्यकारिणी के गठन पर अभी और कसरत करेगी।
सामाजिक संतुलन कायम रखने के साथ कार्यकारिणी में पिछड़ों और मुसलमानों को खास महत्व दिया जा सकता है।