मनोनीत सपा सभासद अभद्रता प्रकरण में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
सभासद महेंद्र सिंह ने सपा राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव को लिखे पत्र में कहा है कि चौकी में न सिर्फ उससे अपने सिर पर जूते मरवाए गए बल्कि खुद का थूक भी चटवाया गया।
पीड़ित ने सपा जिलाध्यक्ष गुरुदेव शर्मा पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपनी व परिवार की जान को खतरा बताया है।
पीड़ित सभासद द्वारा हाल की में सपा जांच समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक हुकुम चंद्र तिवारी पर जांच में पक्षपात कर धमकाने का आरोप लगाया था।
रविवार को उसने सपा महासचिव को शिकायती पत्र लिखकर एक बार फिर पार्टी के जनपद पदाधिकारियों को झटका दिया है।
पत्र में उसने लिखा है कि आरोपी सुजीत वार्ष्णेय, पवन यादव भाजपा के कार्यकर्ता रहे हैं। इसके बावजूद जिलाध्यक्ष ने पवन को मनोनीत सभासद बनाने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं पांचों आरोपियों से उनके करीबी संबंध हैं। इसके चलते पुलिस की मौजूदगी में चौकी के अंदर न केवल उनसे अपने ही सिर पर जूते लगवाए गए बल्कि थूक भी चटवाया और पैर छूकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया।
आगे महेंद्र सिंह ने कहा है कि जब क्लिपिंग सार्वजनिक हो गई तो उसने इसकी जानकारी जिलाध्यक्ष को दी।
लेकिन जिलाध्यक्ष दोषियों को सजा दिलाने के बजाए उल्टा उसी पर दबाव बनाने लगे। पत्र में यह भी कहा गया है कि जिलाध्यक्ष द्वारा मानसिक उत्पीड़न कर अपमानित किया जा रहा है।
उनके बच्चों का अपहरण कराने और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने सपा राष्ट्रीय महासचिव से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।