सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फिल्म सिटी को लेकर राज्य सरकार की कवायद पर तंज कसा है। अखिलेश ने मंगलवार को ट्वीट करके कहा कि अब सपा काल की ‘फिल्म सिटी’ का श्रेय लेने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार कैंची लेकर फीता काटने को तैयार खड़ी है। पर अब न तो उसके अभिनेता का अभिनय काम आ रहा है, न ही कोई डायलॉग, उनकी फ्लॉप पिक्चर उतरने वाली है क्योंकि प्रदेश की असली तस्वीर बनाने वालों की एडवांस बुकिंग हो गई है।
उधर, सपा की पार्टी प्रवक्ता जूही सिंह ने फिल्म सिटी भी नोएडा में ही बनाने पर सवाल उठाए और पूर्वांचल के विकास को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। जूही सिंह ने कहा कि किसी चीज को बनाने और उसकी घोषणा करने में बहुत फर्क है। यह फिल्म सिटी तीसरी फिल्म सिटी होगी। जो पुराना ट्रैक रिकॉर्ड है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है। जूही ने बैठक में भाग लेने वाले फिल्म जगत के लोगों पर भी निशाना साधते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा किया। कहा, आज जो लोग मीटिंग में आ रहे हैं, सपा सरकार ने अपने कार्यकाल में उन्हें आंशिक अनुदान भी दिया था बशर्ते फिल्में उत्तर प्रदेश में शूट की जाएं। इन लोगों से पूछा जाए कि कितनी फिल्में यूपी में शूट कीं, साथ ही पहली फिल्म सिटी में कितनी शूटिंग हुई? उन्होंने कहा कि राजू श्रीवास्तव तो समाजवादी पार्टी में भी रहे हैं। सपा सरकार की तरफ से उन्हें इसके लिए जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। उनसे पूछ लिया जाए कि कितना कार्य किया है? रविकिशन भी लखनऊ में फिल्म सिटी बनाने वाले थे, उसका क्या हुआ? जूही ने कहा कि नोएडा में ही सब कुछ क्यों? क्या उत्तर प्रदेश उससे आगे नहीं है? क्या मुख्यमंत्री को पूर्वांचल में रोजगार या फिल्म सिटी बनाने का शौक नहीं है? मुख्यमंत्री इस तरह की घोषणाएं बहुत करते रहे हैं। इस पर हम तवज्जो भी नहीं देते। ऐसी घोषणाओं से जनता को बेवकूफ नहीं बना सकते।
योगी सरकार जो कहती है वह करती है : सिद्धार्थनाथ
राज्य सरकार के प्रवक्ता व एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अखिलेश यादव पर पलटवार किया। सिद्धार्थनाथ ने ट्वीट करके कहा कि सपा सरकार की कथनी और करनी में बहुत बड़ा अंतर था, उनके सभी अधूरे कार्यों को भी योगी सरकार ने पूरे किए। फिल्म सिटी की आपने घोषणा तो की थी, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं। पर योगी सरकार जो कहती है वह करती भी है। उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता सपा के झूठे नाटकों को अच्छे से जानती है।