विधानसभा की आठ सीटों पर उपचुनाव जीतने के बाद समाजवादी पार्टी अति उत्साह में नहीं है। सपा फूंक-फूंककर कदम रख रही है। विधानसभा सीटों के प्रभारी बनाए गए मंत्रियों को अपने क्षेत्रों में जाकर वोटरों व कार्यकर्ताओं का आभार जताने के लिए कहा गया है।
अधिकांश विधानसभा सीटों पर मंत्रियों के जाने की तारीखें तय हो गई हैं। सपा हारी हुई सीटों की भी समीक्षा करेगी कि कमी कहां रह गई और उसे कैसे दुरुस्त किया जाए। सपा ने भाजपा से 11 में आठ विधानसभा सीटें छीन लीं लेकिन तीन सीटों पर जीत हासिल नहीं कर सकी।
इन सीटों में नोएडा, सहारनपुर और लखनऊ पूरब सीटें हैं। सपा यह समीक्षा भी करेगी कि इन पर कहां कमी रह गई। इन सीटों पर पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ भितरघात की शिकायतें भी मिली हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
बताया जा रहा है कि भाजपा हा उपचुनाव में खराब हश्र जीत की आत्ममुग्धता के कारण हुआ। इसलिए सपा यह गलती नहीं दोहराने वाली।
हारी हुई सीटों पर ऐसा रहा प्रदर्शन
सहारनपुर में सपा को 81639 वोट मिले हैं। वर्ष 2012 में सपा यहां चौथे स्थान पर रही और उसे 19755 वोट मिले थे। लखनऊ पूरब में सपा को 45181 वोट मिले हैं। इस सीट पर पिछले चुनाव की तुलना में सपा के वोटों में करीब ढाई हजार की गिरावट आई है।
सपा को 11 सीटों में सबसे कम 41481 वोट नोएडा में मिले हैं। पार्टी का एक खेमा इसकी वजह प्रत्याशी चयन को भी मानता है। उनकी नजर में नोएडा सीट पर गुड्डू पंडित जैसे विवादित विधायक की पत्नी को चुनाव मैदान में नहीं उतारना चाहिए था।
हारी हुई सीटों की समीक्षा के साथ ही जीती हुई सीटों पर भी सपा पूरा ध्यान देगी। विधानसभा सीटों के प्रभारी मंत्रियों को शीघ्र ही अपनी सीटों पर जाकर मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताने के लिए कहा गया है।
हार के लिए किसी पर नहीं होगी कार्रवाई
सपा को सबसे बड़ी जीत हमीरपुर में मिली है। यहां सपा प्रत्याशी ने 1.13 वोटर लेकर 68 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की है। इस सीट के प्रभारी रहे खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने बताया कि वह 27 सितंबर को हमीरपुर जाकर मतदाताओं का आभार जताएंगे।
बिजनौर सीट के प्रभारी रहे माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली ने बताया कि वह शनिवार को बिजनौर जाकर कार्यकर्ताओं और हर जाति, वर्ग के मतदाताओं का शुक्रिया अदा करेंगे।
ठाकुरद्वारा में 22 सितंबर को आभार प्रदर्शन बैठक प्रस्तावित है। इसी तरह अन्य सीटों पर भी प्रभारी मंत्रियों और अन्य नेताओं के जाने के कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं।
लोकनिर्माण एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव का कहना है जहां पार्टी प्रत्याशी हारे हैं, वहां का जनादेश पार्टी स्वीकार करती है। हारी हुई सीटों पर भी प्रत्याशियों को अच्छा वोट मिला है। चुनाव में हार के लिए किसी के खिलाफ कार्रवाई का प्रश्न ही नहीं उठता?