सपा से जुड़े व्यापारी नेता मुख्यमंत्री रह चुके भाजपाई राजनाथ की वाह-वाह कर रहे हैं। मामला कुछ यूं है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सूबे की आमदनी बढ़ाने का एक दिलचस्प तरीका निकाला। फैसला हुआ कि ट्रकों को अंडरलोड चलाने पर सख्ती कर दी जाए। चक्कर बढ़ेंगे तो डीजल की खपत बढ़ेगी। सरकार का टैक्स बढ़ेगा।
टैक्स कितना बढ़ा, यह तो आगे पता चलेगा। पर, सपाइयों के दिल की धड़कनें जरूर बढ़ गई हैं। सूबे में महंगाई बढ़ती जा रही है। सपा से जुड़े व्यापारी नेता हलकान हैं।
उन्हें एक तरफ ट्रांसपोर्टरों के ताने सुनने पड़ रहे है, तो दूसरी तरफ व्यापारियों के। आम आदमी में जो मिल जाता है, वह भी दो-चार बातें सुना डालता है।
बेचारे दर्द जताने के अलावा और कुछ कर भी नहीं पा रहे हैं। राजनाथ की वाह-वाह करते हैं। कहते हैं, ‘तब भी अधिकारियों ने ऐसा ही किया था। पर, राजनाथ ने व्यापारियों से बात की।
व्यापारियों का सुझाव मानते हुए व्यावहारिक फैसला किया कि सरकार को हर ट्रक पर इतना अतिरिक्त कर चाहिए। ट्रांसपोर्टर को जितना लादना हो लादे। कोई उसे नहीं रोकेगा। जो रोकेगा, सरकार उस पर सख्ती करेगी।
सरकार की आमदनी भी खूब बढ़ी थी। वसूली बंद हो गई थी और बाजार में भाव भी सस्ते।’