बात सही हो या गलत, झीन बाबू के बहाने गोवा का नाम सियासी लोगों में खौफ पैदा करने लगा है। बात सेंट्रल हाल की है।
तीन युवा विधायक उस वक्त को कोस रहे थे, जब झीन बाबू ने गोवा जाने का कार्यक्रम बनाया था।
कहां तो गोवा में सैर करने के मंसूबे पाल रखे थे लेकिन अब टिकट रद्द कराना पड़ रहा है। बेचारे! घर का हुक्म, ‘गोवा तो बिल्कुल नहीं।’
किससे सफाई दें और क्या बताएं? अब तो यह कहते हुए भी शर्म आती है कि गोवा जाने का कार्यक्रम है।
गोया गोवा न हो गया, जलता तवा हो गया। धोखे से भी छू लिया तो हाथ में फफोले पड़ जाएंगे।