सपा के प्रदेश प्रवक्ता और राजनीतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आपातकाल की आशंका जताते हुए जो बयान दिया है वह आज के हालात को देखते हुए चिंता का विषय है।
आडवाणी को आशंका इसलिए भी है कि लोकतंत्र को कुचलने वाली ताकतें मजबूत हुई हैं। वर्तमान संदर्भ में देखे तो भाजपा के अंदर और बाहर सभी विरोधी स्वर दबाए जा रहे हैं।
भाजपा ने प्रशासनतंत्र के साथ न्यायिक संस्थानों को भी प्रतिबद्धता की चेतावनी दे रखी है। केंद्र में समस्त प्रशासन पीएमओ कार्यालय में निहित है।
भाजपा सरकार सत्ता का केंद्रीयकरण करना चाहती है जबकि लोकतंत्र में सत्ता का विकेंद्रीकरण होता है। राज्यों की गैर भाजपा सरकारों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है।
ऐसे में आडवाणी का मौलिक स्वतंत्रता में कटौती और नागरिक स्वतंत्रता के फिर निलंबन की आशंका को नजरंदाज नहीं किया जा सकता हैं।
आडवाणी की वर्तमान भाजपा नेतृत्व पर ये टिप्पणियां हकीकत बयान करती है।