बिहार चुनाव में तीन छोटे दलों के साथ नए गठबंधन के ऐलान के दौरान सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि उनकी पार्टी को लालू प्रसाद यादव और नीतिश कुमार के षडयंत्र का पहले से ही पता था।
राजधानी में बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बिहार में भाजपा को मदद पहुंचाने के आरोप को गलत बताया।
उन्होंने कहा कि राजनीति में आरोप लगते रहते हैं। उन्हें पहले से उनके (नीतीश कुमार व लालू प्रसाद यादव) के षड्यंत्र का पता था। उन्होंने दोहराया कि जनता परिवार का विलय करके एक पार्टी नहीं बनी थी। यदि विलय हो गया होता और एक भी घटक दल अलग होता तो सपा के पास न झंडा बचता और न ही सिंबल।
रामगोपाल ने कहा कि बिहार में सपा, सजद, एनसीपी और पीपुल्स पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। शुक्रवार को पटना में सभी दलों की समन्वय समिति की बैठक में पहले चरण में मतदान वाली सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा होगी। दो दिन बाद दूसरे चरण के प्रत्याशी घोषित होंगे।
तीसरे, चौथे और पांचवें चरण के उम्मीदवारों का ऐलान एक साथ होगा। कोशिश है कि बिहार में नया मोर्चा प्रभावी ढंग से चुनाव लड़े और राजनीतिक विकल्प के रूप में सामने आए।
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव किरनमय नंदा, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र यादव, यूपी सपा के प्रदेश महासचिव अरविंद सिंह गोप और सचिव एसआरएस यादव भी मौजूद थे। इससे पहले पार्टी में शामिल नए नेताओं ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की।