रायबरेली जिले में वर्ष 2017 में हुई ग्राम विकास अधिकारियों की भर्ती में फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर नियुक्ति पाने का मामला जांच में पकड़ में आया है। जांच में पुष्टि होने के बाद सोनभद्र जिले के अपर जिला पंचायतराज अधिकारी के वीडीओ बेटे को जिला विकास अधिकारी ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू करा दी है।
प्रतापगढ़ जिले के सदर तहसील क्षेत्र के ब्लॉक मांधता के गांव सराय भीमसेन (बरईपुर) के रहने वाले विनोद कुमार सोनभद्र अपर जिला पंचायतराज अधिकारी के पद पर तैनात रहे। सोनभद्र की तहसील दुद्धी में एडीपीआरओ विनोद कुमार के बेटे प्रदीप कुमार धूरिया ने 10 अगस्त 2017 में अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र संख्या 7031750030176 बनवाया था। उसी दौरान शासन की मंशा पर जिले में ग्राम विकास अधिकारियों की भर्ती हुई थी। प्रदीप कुमार ने आवेदन करके अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र लगाकर ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नौकरी प्राप्त कर ली थी।
मामले की शिकायत होने पर सोनभद्र के सीडीओ व तहसील दुद्धी को पत्र भेजकर प्रमाणपत्र की जांच कराई गई। 14 जुलाई को दुद्धी के तहसीलदार की आई रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि प्रदीप कुमार धूरिया मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला है और तथ्यों को छुपाकर उसे अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र हासिल कर लिया था। वह पिछड़ी जाति का है। तहसीलदार की रिपोर्ट आने के बाद प्रदीप को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया, जिसके बाद डीडीओ ने उसे फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर ग्राम विकास अधिकारी की नौकरी पाने का दोषी पाए जाने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
जिला विकास अधिकारी एके वैश्य ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी के जाति प्रमाणपत्र को लेकर शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद सोनभद्र की संबंधित तहसील से प्रमाणपत्र की जांच कराई गई तो पाया गया कि पिछड़ी जाति के प्रदीप कुमार ने अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी प्राप्त की थी। उसे दोषी पाते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।