सोनभद्र के उभ्भा गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर 11 आदिवासियों को दिनदहाड़े मौत के घाट उतारने के मामले की जांच पूरी हो चुकी है। जांच एजेंसी (एसआईटी) इसी महीने के अंत तक शासन को रिपोर्ट सौंपेगी। एसआईटी जांच में साबित हुआ है कि दर्ज मुकदमे में लगाए गए आरोप सही हैं।
एसआईटी जांच में सामने आया है कि कई स्तर पर गड़बड़ी हुई। जांच एजेंसी ने इसके लिए तत्कालीन डीएम की भूमिका तय करने के साथ सहकारिता, राजस्व व पुलिस कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन पर आरोप तय किए हैं।
जांच में सहकारिता विभाग के चार लोगों को दोषी पाया गया है। इसमें से एक की मौत हो चुकी है और दो की कोई जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। एक अन्य का पता लगा जो वर्ष 1984 में रिटायर हो चुके हैं और 90 वर्ष से अधिक होने से वे कुछ बता नहीं पा रहे हैं।