इलाहाबाद निवासी रिटायर्ड चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने जिस लाडले बेटे की गोद में दुनिया की खुशियां डाल दीं, वह चंद रुपयों के लिए जानवर बन गया। पिता को गालियां देकर जलील किया। झाड़ू, वाइपर के पाइप, चप्पल और मोबाइल चार्जर से पीटा।
डायबिटीज और हाइपरटेंशन का मरीज होने के बाद भी उन्हें चौबीस घंटे तक भूखा रखा। किसी तरह बेटे को झांसा देकर वह इलाहाबाद स्थित शानदार कोठी से भागकर गोमतीनगर के विकासखंड निवासी भाई के घर आ गए। बेटे की करतूत सुनाई तो सबके होश उड़ गए।
मंगलवार शाम परिवारीजन उन्हें लेकर थाना पहुंचे जहां पूरा मामला सुनने के बाद डॉ. अशोक कुमार के बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। एसओ गोमतीनगर धीरेंद्र शुक्ला का कहना है कि डॉ. अशोक कुमार इलाहाबाद के सिविल लाइंस में लोहिया मार्ग पर रहते हैं।
अक्तूबर 2011 में वह नॉर्थ सेंट्रल रेलवे से एडीशनल चीफ हेल्थ डायरेक्टर पद से रिटायर हुए हैं। उनकी पत्नी डॉ. ज्योति कुमारी इलाहाबाद में ही डफरिन अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. अशोक और उनके बेटे तनुज के बीच पारिवारिक झगड़ा है।
तनुज बेरोजगार है और बिजनेस करने के लिए उनसे रुपये मांग रहा है। पिता रुपये नहीं दे रहे इसलिए वह मारपीट करता है। बीती 10 जून की शाम करीब साढ़े छह बजे वह चित्रकूट स्थित पैतृक गांव से लौटा। उस वक्त डॉ. अशोक बेडरूम में लेटे हुए थे।
तनुज आते ही उनसे झगड़ने लगा। तनुज का कहना था कि पिता उससे ज्यादा गांव में रह रहे चचेरे भाई लाला उर्फ संजय कुमार की बात को महत्व देते हैं। इस बात को लेकर पिता-पुत्र में कहासुनी हुई तो तनुज ने गाली-गलौज करते हुए वाइपर के पाइप से उन्हें पीट दिया।
शाम से शुरू हुआ पिटाई का सिलसिला देर रात तक चला। रात करीब साढ़े बारह बजे डॉ. अशोक ने घर से जाने की कोशिश की तो उन्हें जबरन रोक लिया। इसके बाद अगले दिन भी झाड़ू, चप्पल और मोबाइल फोन के चार्जर से उन्हें पीटा गया।