लखनऊ। तहसील कार्यालयों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवसों में फरियादियों ने विभिन्न गांवों में सरकारी और पैतृक जमीनों पर कब्जे और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित विभागों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सरोजनीनगर: शिकायतों की लंबी कतार
तहसीलदार सुखबीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में मिर्जापुर (बेंती) निवासी राम सुमेर ने अपनी पैतृक संपत्ति पर चचेरे भाइयों द्वारा जबरन निर्माण कराने की शिकायत की। वहीं, हरिहरपुर के भाजपा बूथ अध्यक्ष मुकेश कुमार यादव ने सरकारी अभिलेखों में दर्ज ऊसर, बंजर और तालाब की भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर बिक्री का आरोप लगाया। सिविल कोर्ट से जुड़े संदीप सिंह ने ग्राम सभा बिजनौर की गाटा संख्या 956 पर कब्जा कर प्लाटिंग की शिकायत करते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर पूर्व में की गई शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर चिंता जताई। खटोला निवासी राजेश कुमार ने रतौली गांव की पशु मरघट भूमि पर प्रॉपर्टी डीलरों के कब्जे की बात कही।
मलिहाबाद में नायब तहसीलदार ने सुनी समस्याएं
यहां नायब तहसीलदार की अगुवाई में आयोजित समाधान दिवस में फरियादियों को मायूसी हाथ लगी। ग्राम पिपरी कुराखर निवासी शिवकुमार ने बताया कि एसडीएम कोर्ट में उनकी अपील से संबंधित पत्रावली आठ माह बाद भी निम्न कोर्ट से प्राप्त नहीं हुई है, जिससे उनकी पैरवी बाधित हो रही है। खड़ौहा निवासी सुधा ने पीएम वंदना योजना की दूसरी किस्त न मिलने की शिकायत की।
लेखपाल पर झूठी रिपोर्ट लगाने का आरोप
बख्शी का तालाब में अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने सीडीओ से शिकायत की है कि लेखपाल दीपेंद्र कुमार यादव ने भैंसामउ स्थित चकमार्ग गाटा संख्या 342 व 371 पर कब्जे की शिकायत पर मौके पर बिना पैमाइश के झूठी रिपोर्ट लगा दी है। उन्होंने लेखपाल पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, नैमिषनगर योजना में शामिल गांवों के किसानों ने एक समान मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। एक किसान दीपक राज ने बिना बयाना दिए जमीन का एग्रीमेंट कराए जाने का आरोप लगाया।
नाम संपूर्ण समाधान, शिकायत 15 फीसदी निस्तारित
लखनऊ। जिले की पांचों तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 493 शिकायतें अधिकारियों के सामने आईं, लेकिन इसमें से कुल 75 का ही मौके पर निस्तारण हो सका। जो कुल आई शिकायतों का करीब 15 फीसदी है।
तहसीलवार स्थिति में सदर में 55 में से चार, मलिहाबाद में 79 में से छह, बीकेटी में 116 में से 23, मोहनलालगंज में 144 में से 37 तथा सरोजनीनगर में 99 में से पांच शिकायतों का ही निस्तारण हो सका। शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। प्राप्त शिकायतों में सर्वाधिक 240 मामले राजस्व से जुड़े रहे, जबकि पुलिस के 60, विकास के 35, समाज कल्याण के 13 समेत अन्य विभागों के भी प्रकरण शामिल रहे।
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