कैब चालक योगेश कुमार पाल की फाइल फोटो।
लखनऊ। पारा के बुद्धेश्वर बादलखेड़ा निवासी कैब चालक योगेश कुमार पाल (29) की हत्या के मामले में पुलिस ने कुछ संदिग्धों को चिह्नित कर लिया है। आरोपियों के तार सीतापुर, हरदोई व शाहजहांपुर से जुड़े बताए गए हैं। एसीपी काकोरी और क्राइम ब्रांच की टीमें सीतापुर गिरफ्तारी के लिए भेजी गई हैं।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि अब तक की जांच में लूट के इरादे से योगेश की हत्या करने की पुष्टि हुई है। सीसीटीवी कैमरे, कॉल डिटेल और मोबाइल टॉवर से मिले डाटा की मदद से पुलिस ने कुछ संदिग्धों को चिह्नित भी किया गया है। पुलिस को जांच में पता चला था कि योगेश की कार बुक करने के लिए फर्जी नाम व पते पर खरीदे गए सिम कार्ड का प्रयोग किया गया था। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि अभी पुलिस के हाथ खाली हैं। सभी एंगल पर जांच की जा रही है। कुछ टीमें सीतापुर भेजी गई हैं, पर कोई अहम सफलता हाथ नहीं लगी है।
यह है पूरी घटना
मूल रूप से उन्नाव बांगरमऊ के आसत मोहिउद्दीनपुर निवासी योगेश 29 सितंबर की शाम करीब छह बजे पत्नी वंदना से दोस्त की पत्नी को लेने सीतापुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। इसके बाद वह लापता हो गए थे। 30 सितंबर की रात उनका शव सीतापुर के सरियापुर इलाके में झाड़ियों में मिला था। चेहरे पर टेप लिपटा हुआ था। सिर पर चोट के निशान थे। उनकी कार, मोबाइल व फोन गायब था। पारा पुलिस ने उनकी गुमशुदगी को हत्या व लूट की धारा में तरमीम कर दिया था।