लखनऊ। सरोजनीनगर में रविवार को विद्युत प्रशिक्षण संस्थान की ओर से आयोजित टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर मनीष माधो से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। वह लगातार पांच दिन से दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहा था।
आरोपी मनीष माधो से पूछताछ में पता चला कि सॉल्वर गैंग यूपी, राजस्थान, बिहार व मध्य प्रदेश की कई भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगा चुका है। मनीष ने बताया कि गिरोह के सॉल्वर एक दर्जन परीक्षाओं में बैठ चुके हैं। उसने कई साॅल्वर व अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी भी दी है। वहीं, आरोपी मनीष जिन अभ्यर्थियों के स्थान पर पिछले साल परीक्षा में बैठा था उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सरोजनीनगर इंस्पेक्टर शैलेंद्र गिरी के मुताबिक आयोग की ओर से चयनित टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज प्रा. लि पांच दिन से परीक्षा में सफल 1,812 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच कर रही है। आरोपी मनीष ने विद्युत सेवा आयोग की छह दिन चली परीक्षाओं में पांच अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दी थी। रविवार को आयोजित टेक्नीशियन भर्ती में दस्तावेज की जांच के दौरान चयनित संस्था के कर्मचारियों ने मनीष को दस्तावेज व फोटो का मिलान नहीं होने पर पकड़ लिया था। विद्युत सेवा आयोग के उपसचिव श्याम सुंदर तिवारी ने आरोपी मनीष माधो के खिलाफ सरोजनीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
दरअसल विद्युत प्रशिक्षण संस्थान में दो दिन पहले एक पत्र आया था, जिसमें सॉल्वर के बारे में कुछ जानकारी थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि मनीष ने सॉल्वर गैंग के बारे में जानकारी दी है। इसके मुताबिक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवक और कुछ संस्थान के शिक्षक ही मोटी रकम मिलने के लालच में सॉल्वर बनते हैं। एक परीक्षा देने पर उन्हें 50 हजार से एक लाख रुपये तक मिलते हैं।