एसटीएफ ने 17 जनवरी को टेढ़ी पुलिया स्थित परीक्षा केंद्र से एसएससी की जीडी कांस्टेबल परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गिरोह का राजफाश कर सात आरोपियों को जेल भेजा था। जिसमें गिरोह का सरगना यूपी पुलिस का सिपाही अच्युतानंद के अलावा सॉल्वर राकेश, मनोज, मनोज झा व अभ्यर्थी केशवानंद, विवेक, गुड्डू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
सॉल्वर गैंग में शामिल सीआरपीएफ का सिपाही सलमान निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू हो गई है। विभागीय अफसरों ने ये कार्रवाई एसटीएफ की रिपोर्ट पर की है। आरोपी सिपाही छुट्टी लेकर फरार हो गया है। एसटीएफ उसकी तलाश में लगी है।
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एसटीएफ ने 17 जनवरी को टेढ़ी पुलिया स्थित परीक्षा केंद्र से कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की जीडी कांस्टेबल परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गिरोह का राजफाश कर सात आरोपियों को जेल भेजा था। जिसमें गिरोह का सरगना यूपी पुलिस का सिपाही अच्युतानंद के अलावा सॉल्वर राकेश, मनोज, मनोज झा व अभ्यर्थी केशवानंद, विवेक, गुड्डू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि गिरोह में सीआरपीएफ का सिपाही सलमान व दो अन्य लोग भी शामिल हैं। ये तीनों अभी भी फरार हैं। सूत्रों के मुताबिक सलमान सीआरपीएफ की 101 बटालियन में तैनात है। वर्तमान में प्रयागराज में तैनाती है। जैसे ही उसके साथ पकड़े गए थे, उसको भनक लग गई थी। वह छुट्टी लेकर फरार हो गया। एसटीएफ ने इस संबंध में सीआरपीएफ के अफसरों को जानकारी देकर रिपोर्ट भेजी थी। उसी आधार पर सिपाही निलंबित किया गया है।
प्री-एक्टिवेटेड सिमों का इस्तेमाल
गैंग के लोग व्हाट्सएप कॉल के जरिए आपस में बात करते थे। ग्रुप भी बना रखा था। जानकारी के मुताबिक गैंग के अधिकतर लोग जिन सिमों का इस्तेमाल करते थे वह प्री-एक्टिवेटेड थे। मतलब फेक आईडी पर थे। जिससे वह पकड़ में न आएं। यही नहीं दो लोगों ने व्हाट्सएप एक्टिव करने के बाद सिम ही तोड़कर फेंक दिया था। जांच में ये सभी तथ्य सामने आए हैं।