उत्तर प्रदेश के सभी नगर निकायों में बकाया गृहकर की वसूली की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए नगर विकास विभाग एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत उप्र पालिका वित्तीय संसाधन बोर्ड द्वारा खाका तैयार किया जा रहा है।
स्थानीय निकाय निदेशालय द्वारा सभी नगर निकायों से बकाया गृहकर का डेटा मांगाया है। हालांकि ओटीएस उसी नगर निकायों में लागू की जाएगी, जो नगर निकाय इसे लागू करने पर सहमत होंगे। सभी निकायों से बकाया टैक्स की डेटा मिलने के बाद जल्द ही ओटीएस लागू करने की घोषणा की जाएगी।
इस योजना में बकायेदारों को कुछ राहत देते हुए गृहकर जमा करने की सहूलियत दी जाएगी। सरकार ने विवादित मामलों को निस्तारित करते हुए बकाया रकम की वसूली के लिए ‘एक मुश्त योजना’ शुरू करने की घोषणा करने के लिए फैसला किया है।
योजना का प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी उप्र पालिका वित्तीय संसाधन बोर्ड को दी गई है। बोर्ड की मांग पर स्थानीय निकाय निदेशालय ने सभी नगर निकायों को वसूली की स्थिति का डेटा भेजने के लिए प्रारूप भेजा है। जिसमें आवासीय व अनावासीय श्रेणी के बकाये गृहकर का डेटा अलग-अलग भेजने को कहा गया है। संभावना है कि फरवरी के अंत तक योजना का प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा और मार्च से इसे लागू कर दिया जाएगा।