इस्लामी शरीयत में निकाह, तलाक के मायने अब इंस्टाग्राम, वॉट्सएप, फेसबुक, ट्विटर पर भी समझे जा सकेंगे। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सोशल मीडिया डेस्क निकाह, तलाक समेत शरई मामलों से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करेगी।
इसमें बोर्ड पदाधिकारियों के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। इस डेस्क का उद्घाटन रविवार को दारुल उलूम नदवतुल उलमा में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए शरई मामलों को लेकर भ्रांतियां फैलाने की साजिश की जा रही है। ऐसे में इसका जवाब सोशल मीडिया से ही दिया जाएगा।
बोर्ड की सोशल मीडिया डेस्क महिलाओं को इस्लाम में मिले अधिकारों के साथ ही निकाह व तलाक की बारीकियां भी समझाएगी। इसकी जिम्मेदारी मौलाना सज्जाद नोमानी, मौलाना उमरैन, मौलाना महफूज रहमानी को दी गई है।
बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा कि सोशल मीडिया डेस्क शुरू करने की रूपरेखा बोर्ड के कोलकाता अधिवेशन में ही तैयार हो चुकी थी। बोर्ड के सचिव मौलाना फजलुर्रहीम मुजददिदी ने कहा कि पहले चरण में बोर्ड की कोशिश 5 लाख लोगों तक पहुंच बनाने की है। कार्यक्रम में मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी, मौलाना मुफ्ती अतीक बस्तवी, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली मौजूद रहे।
उर्दू व अंग्रेजी में दूर करेंगे गलतफहमियां
डेमो पिक
पहले चरण में बोर्ड सोशल मीडिया पर उर्दू और अंग्रेजी में गलतफहमियां दूर करेगा। समय के साथ हिंदी व अन्य भाषाओं को भी शामिल किया जाएगा। बोर्ड की वेबसाइट aimplboard.in पर सवालों के जवाब लिए जा सकेंगे।
मुस्लिम वीमेन हेल्पलाइन पर दिया जा रहा मार्गदर्शन
तीन तलाक व निकाह को लेकर फैल रही गलतफहमियों और पारिवारिक दिक्कतों को शरीयत की रोशनी में दूर करने के लिए पर्सनल लॉ बोर्ड मुस्लिम वीमेन हेल्पलाइन का टोल फ्री नंबर 18001028426 जारी कर चुका है।
इस पर उर्दू, अंग्रेजी, तमिल, बंगला, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषा में निकाह, तलाक, फस्ख-ए-निकाह, खुला के मामलों में मुस्लिम महिलाओं को मार्गदर्शन दिया जाता है। इसके अलावा बोर्ड की ईमेल आईडी imwhl2016@gmail.com पर भी महिलाओं की शंकाएं दूर की जाती हैं।