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लखनऊ के नए कमिश्नर बोले- विवेचना का समय से किया जाएगा निस्तारण, नहीं होगी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई

Wed, 18 Nov 2020 07:53 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कार्यभार ग्रहण किया - फोटो : अमर उजाला
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नवनियुक्त पुलिस आयुक्त ने रेडिकलाइजेशन और सोशल मीडिया को पुलिस के लिए नई चुनौती मानते हुए इस पर काम करने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया बहुत व्यापक हो गई है। इससे जहां सहयोग मिलता है तो इसके दुष्परिणाम भी हैं इसलिए इसका बेहतर तरीके से उपयोग किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन के सहयोग से कमिश्नरेट को और प्रभावी बनाने की बात कही। बुधवार सुबह लखनऊ के पुलिस आयुक्त की कुर्सी संभालने वाले आईपीएस डीके ठाकुर शाम को पुलिस लाइंस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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पुलिस आयुक्त ने कहा कि वह अपराध मुक्त, भय मुक्त और माफिया मुक्त समाज बनाने का इरादा लेकर आए हैं। माफिया तंत्र के खिलाफ चल रही कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में अपराध और अपराधियों के साथ ही भ्रष्ट और रिश्वतखोर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों के साथ होने वाले अपराधों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महिला शक्ति की सरकार की संकल्पना पर प्रभावी तरीके से काम होगा। उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट बनने के बाद लखनऊ को कई बड़े अधिकारी मिले हैं जिससे व्यवस्थाएं काफी हद तक सुधरी हैं। पुलिस को मजिस्ट्रेट की शक्तियां मिलने से भी अपराधियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया में सरलता और गति आई है। उन्होंने राजधानी की कानून व्यवस्था को अधिक बेहतर बनाने की दिशा में जल्द कुछ नई योजनाएं शुरू करने के संकेत भी दिए।

पुलिस आयुक्त ने कहा वह वर्ष 2012 में लखनऊ में तैनात रह चुके हैं लेकिन अब 2020 में हालात काफी बदल चुके हैं। रेडिकलाइजेशन और सोशल मीडिया पुलिस के लिए नई चुनौती साबित हो रहा है। बीते कुछ समय से व्यक्ति विशेष या समूह राजनीतिक, सामाजिक अथवा धार्मिक महत्वाकांक्षाओं को अपनाने के लिए वर्तमान परिस्थितियों को नकारकर समाजिक विद्वेष अथवा विरोध की भावना पैदा करने लगे हैं। इससे निपटने के लिए काम करने की जरूरत है। इसके अलावा सोशल मीडिया के भी लाभ-हानि पुलिसिंग पर काफी असर डाल रही है। एक तरफ सोशल मीडिया से त्वरित और सही जानकारियां मिल रही हैं तो दूसरी तरफ इस माध्यम को अफवाह फैलाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया से पुलिसिंग को सुधारने की दिशा में काम होगा।
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अफसर करेंगे सुनवाई, एफआईआर-विवेचना का स्तर सुधारेंगे

पुलिस आयुक्त ने कहा कि सबसे पहले वह पीड़ितों की समस्या की सुनवाई कराना सुनिश्चित कराएंगे। सभी अधिकारी फोन, वॉट्सएप तथा सोशल मीडिया के माध्यमों से जनता और पीड़ितों के संपर्क में रहेंगे और उनकी फरियाद की सुनवाई करेंगे। अगर किसी मामले में एफआईआर दर्ज करने की जरूरत है तो तत्काल लिखी जाएगी। विवेचना का समय से निस्तारण किया जाएगा। पक्षपातपूर्ण कार्रवाई नहीं होगी।

अनसुलझी वारदातों और बंद फाइलों की समीक्षा होगी
पुलिस आयुक्त ने कहा कि जो वारदातें अनसुलझी हैं अथवा जिनकी फाइल बंद हो चुकी है, उनकी समीक्षा की जाएगी। पुलिस की जांच कहां उलझी है? विवेचना में क्या दिक्कत आ रही है? इसकी पड़ताल कराकर वारदातों का खुलासा सुनिश्चित किया जाएगा।

अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसेंगे
पुलिस आयुक्त ने बंथरा कांड की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अवैध और कच्ची शराब का कारोबार अधिकतर ग्रामीण इलाकों में कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। सरकारी ठेके की शराब में भी मिलावट की जा रही है। दूसरे जिलों से भी शराब की तस्करी हो रही है। बंथरा में जो हुआ, वह खुद मौके पर जाकर इस बारे में पूरी जानकारी लेंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार पर रोक लाएंगे।
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