लखनऊ। कम उम्र के बच्चों में सोशल मीडिया की लत बढ़ रही है। ऐसी ही स्थिति रही तो उनके भविष्य के लिए यह घातक हो सकता है। राजधानी के प्रेस क्लब में शनिवार को आयोजित सोशल मीडिया कितना प्रभावी विषय पर हुई परिचर्चा में वक्ताओं ने ये विचार रखे।
जन विचार मंच की ओर से आयोजित परिचर्चा में वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया ने किशोरों के जीवन को इस तरह से प्रभावित किया है कि आत्महत्या करने से पहले वह सोशल प्लेटफाॅर्म पर वीडियो बनाकर मरने की जानकारी देते हैं। तकनीक क्षेत्र के विकास में यह लत उनके जीवन के लिए बहुत ही घातक है।
वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी ने कहा कि बाजारवाद के विकास में सोशल मीडिया का अहम रोल है और तेजी के साथ इसे प्रभावित भी किया है। यह कुछ हद तक ठीक भी है। गोविंद पंत राजू ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिये अच्छे कार्य करने वालों को सम्मानित करना चाहिए।