लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में मंगलवार को हिमालयीय पर्यावरण पुनर्वास और जन क्रियाश
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में मंगलवार को हिमालयीय पर्यावरण पुनर्वास और जन क्रियाशीलता समिति (शेरपा) के सहयोग से चौथा टीएन. धर स्मारक व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता दिल्ली विवि की पर्यावरण समाजशास्त्री प्रो. सुधा वासन रहीं। उन्होंने कृषि विविधीकरण, प्रवासन, पर्यटन और शहरीकरण से पैदा हुए सामाजिक बदलावों पर चर्चा करते हुए कहा कि इन परिवर्तनों ने समुदायों की पहचान को नए सिरे से गढ़ा है। उद्घाटन सत्र में शेरपा के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस जी. पटनाइक ने कहा कि हिमालय केवल एक भौगोलिक संरचना नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और नदियों का आधार है, जो आज मानवीय हस्तक्षेप के कारण गंभीर पारिस्थितिक संकट से गुजर रहा है। अतिथियों का स्वागत प्रख्यात कथक नृत्यांगना व पं. बिरजू महाराज कथक संस्थान की अध्यक्ष कुमकुम धर ने किया। कार्यक्रम में प्रो. सुकेत चौधरी, प्रो. प्रतिभा रंजू साहू, प्रो. प्रमोद कुमार गुप्ता समेत बड़ी संख्या में शोधार्थी, छात्र और संकाय सदस्य माैजूद रहे।
लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में मंगलवार को हिमालयीय पर्यावरण पुनर्वास और जन क्रियाश
लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में मंगलवार को हिमालयीय पर्यावरण पुनर्वास और जन क्रियाश