आयोग का कहना है कि ऐसे मामलों में गंभीर सजा न होने के कारण अभियुक्तों को आसानी से जमानत मिल जाती है। हरियाणा एवं गुजरात में छिनैती को गंभीर अपराध मानते हुए अलग से कानून बनाया है।
इस प्रकार के अपराध सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय हैं, जबकि यूपी में यह मजिस्ट्रेट के समक्ष विचारणीय है। राजस्थान सरकार ने भी एक प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास कानून बनाने की अनुमति के लिए भेजा है।