आम जनता के बीच यहां दौरे करके सीधा संवाद करती रहती थी। साथ ही राहुल गांधी पर हमलावर रहती थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने इतिहास रचते हुए राहुल गांधी को हरा दिया। चुनाव जीतने के बाद भी स्मृति ईरानी अमेठी में सियासी जमीन को मजबूत करने में जुटी हैं।
रायबरेली और अमेठी में जिस तरह प्रियंका वाड्रा चौपाल लगाकर लोगों से सीधा संवाद करती थी, उसी तर्ज पर अब स्मृति ईरानी भी चौपाल लगाकर जनता से सीधा संवाद करने के नए सियासी राजनीति की शुरुआत कर दी है। साफ जाहिर है कि उनका निशाना प्रियंका वाड्रा पर है। वह मेसेज देना चाहती हैं कि आगे भी वह अमेठी के साथ रायबरेली में पार्टी की मजबूती के लिए सक्रिय रहेंगी और इसी के जरिए अपने विरोधियों को जवाब भी देती रहेंगी।
यही वजह है कि इसी साल की 23 जून को स्मृति ईरानी अमेठी संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आई थी। अब छह जुलाई को ही फिर अमेठी संसदीय क्षेत्र की जनता के बीच पहुंच गई।
लोकसभा चुनाव भले ही संपन्न हो गया हो लेकिन यूपी में 2022 में होने वाले विस चुनाव में किला फतह करने की चाहत भाजपा में अभी से दिख रही है। अमेठी में इस बार कमल खिलाने के बाद गांधी परिवार के गढ़ में पार्टी को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
केंद्रीय स्मृति ईरानी का एक पखवारे में दूसरा दौरा इसी लिहाज से देखा जा रहा है। अपने दौरे के बहाने स्मृति ईरानी ने न सिर्फ आम जनता से मिलकर उनके दुख दर्द जाने, बल्कि उन्हें अपनेपन का अहसास भी कराया।
केंद्रीय स्मृति ईरानी ने अपने दौरे के दौरान पार्टी पदाधिकारियों के साथ ही कार्यकर्ताओं से मिली। कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस पर स्मृति ईरानी ने भी उनका अभिवादन किया। स्मृति ईरानी ने कार्यकर्ताओ से बेहतर ढंग से कार्य करके पार्टी को और मजबूत करने का आह्वान किया।