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यूपी में स्मार्ट फोन खरीद मामला : मंत्री और अफसर की खींचतान से लटकेगी ऑनलाइन फीडिंग की व्यवस्था 

Sat, 29 May 2021 10:56 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, c

सार

स्मार्ट फोन खरीदने के लिए कराए गए टेंडर को लेकर विभागीय मंत्री और प्रमुख सचिव के बीच मचे घमासान के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर बटने वाले अनुपूरक पोषाहार की ऑनलाइन फीडिंग की व्यवस्था लटक सकती है।
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स्वाति सिंह व वी. हेकाली झिमोमी। - फोटो : amar ujala
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स्मार्ट फोन खरीदने के लिए कराए गए टेंडर को लेकर विभागीय मंत्री और प्रमुख सचिव के बीच मचे घमासान के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर बटने वाले अनुपूरक पोषाहार की ऑनलाइन फीडिंग की व्यवस्था लटक सकती है। जबकि केंद्र सरकार ने 31 मई तक इस व्यवस्था को शुरू करने का टाइमलाइन दिया है। अब इस खींचतान को देखते हुए काई यह बोलने को तैयार नहीं है कि नई व्यवस्था की शुरूआत कब होगी। 

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केंद्र सरकार ने अनुपूरक पोषाहार वितरण की ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिए पोषण ट्रैकर एप लॉन्च किया है। इसके तहत सभी राज्यों को 31 मई से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बंटने वाले अनुपूरक पोषाहार की ऑनलाइन फीडिंग करने की व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। ताकि इसी आधार पर अनाज का कोटा आवंटित किया जा सके। इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए ही सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन दिया जाना है। 

राज्य पोषण मिशन ने स्मार्ट मोबाइल खरीदने के लिए टेंडर जारी किया था। टेंडर को लेकर महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह और विभाग की प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी के बीच विवाद खड़ा हो गया है। टेंडर से बाहर हो चुकी एक कंपनी की शिकायत पर मंत्री ने टेंडर को निरस्त कर इसे नए सिरे से जारी करने का लिखित आदेश दिया था। लेकिन इस आदेश के इतर विभाग ने टेक्निकल व फाइनेंशियल बिड खोल दिए। इसी को लेकर चल रही खींचतान की वजह से बृहस्पतिवार तक टेंडर का आवंटन नहीं हो सका है।
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हुई बैठक, नहीं सुलझा विवाद
इस बीच शासन ने बृहस्पतिवार को टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत करने वाली लावा मोबाइल कंपनी के प्रतिनिधियों से बातचीत की, लेकिन उसका कोई हल नहीं निकला। सूत्रों के मुताबिक अफसरों के साथ बैठक से पहले कंपनी के प्रतिनिधियों ने मंत्री से मिलकर अपना पक्ष रखा था। कंपनी ने आरोप लगाया है कि टेक्निकल बिड की शर्तें जानबूझकर ऐसी रखी गई हैं, जिससे कि उसे बिड में हिस्सा लेने से रोका जा सके। 

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