रायबरेली। जिले में बिजली चोरी और लाइन हानियों (लाइन लॉस) को कम करने के लिए उपकेंद्रों से लेकर उपभोक्ताओं के घर तक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। अक्तूबर से घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी है। पहले चरण में विद्युत उपकेंद्रों और सरकारी विभागों में मीटरों को लगाया जा रहा है। जिले में 600 मीटर लगाए जा चुके हैं।
प्रदेश सरकार शहर की तरह ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली देने को लेकर काम कर रही है। इसके लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उपकेंद्रों के अलावा गांव के ट्रांसफार्मर और उपभोक्ताओं के घरों में यही मीटर लगाए जाएंगे। इससे यह भी पता लगेगा कि किस फीडर से कितने घंटे और कितनी बिजली दी गई। वहीं विद्युत वितरण खंड प्रथम के अंतर्गत सरकारी विभागों और अधिकारियों के आवासों में स्मार्ट मीटर लगवा दिए है। अक्तूबर में दशहरा के बाद घरों में स्मार्ट मीटर लगने शुरू हो जाएंगे।
मुख्य अभियंता आरपी प्रसाद ने बताया कि जिले में पांच लाख से ज्यादा उपभोक्ता है। हर घर में स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। अभी बिजली उपकेंद्रों और सरकारी विभागों में मीटर लगाने का काम चल रहा है। शुरुआती दौर में मीटर लगाने में कुछ प्रगति धीमी रही, लेकिन कार्यदायी एजेंसियों को मीटर लगवाने की प्रगति सुधारने के निर्देश दिए हैं।
लाइनलॉस में भी आएगी कमी
रायबरेली। शहर में सुपर मार्केट, देवानंदपुर, मुंशगंज फीडर में ज्यादा लाइनलॉस है। कहीं पर 30 तो कहीं 40 फीसदी बिजली चोरी हो रही है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के सिघौना उपकेंद्र से निकले रसेहता, गुरुबख्शगंज उपकेंद्र का कोरिहर फीडर में 60 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद काफी हद तक लाइनलॉस में कमी आएगी।