रायबरेली। जिले में फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों के सामने आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। सलोन की ग्राम पंचायतों से 19 हजार से अधिक फर्जी प्रमाणपत्रों की पुष्टि होने के बाद जिला महिला अस्पताल से जारी कथित फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पकड़ में आया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) के फर्जी हस्ताक्षर से यह प्रमाणपत्र बनाया गया है। किशोरी बछरावां क्षेत्र के शेषपुर समोधा गांव की रहने वाली है।
बछरावां क्षेत्र के शेषपुर समोधा की रहने वाली हेमा के नाम से जन्म प्रमाणपत्र जारी किया गया है। हेमा का जन्म जिला महिला अस्पताल में छह मार्च 2007 में दिखाकर यह प्रमाणपत्र बीती तीन जुलाई को जारी किया गया है। प्रमाणपत्र में जिला महिला अस्पताल की पूर्व सीएमएस के डिजिटल साइन भी हैं। देखने में प्रमाणपत्र सही नजर आता है, लेकिन अपने ननिहाल आई हेमा ने जगतपुर डाकघर से आधार कार्ड बनवाने के लिए इस प्रमाणपत्र को दिया जो जांच में यह फर्जी मिला।
हेमा के पिता का कहना है कि एक व्यक्ति ने जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पांच सौ रुपये लिए थे। उसने यह प्रमाणपत्र लाकर दिया है। महिला अस्पताल से भी फर्जी प्रमाणपत्र जारी होने का कथित मामला प्रकाश में आने के बाद अफरातफरी का माहौल है।
संबंधित जन्म प्रमाणपत्र का मामला संज्ञान में आया है। प्रथम दृष्टया यह प्रमाणपत्र महिला अस्पताल से जारी न होने की पुष्टि हो रही है। हालांकि बुधवार को इस प्रमाणपत्र की सत्यता की जांच कराई जाएगी।
- डॉ. निर्मला साहू, सीएमएस जिला महिला अस्पताल