आवास विकास परिषद छोटे नगरों में भी आवासीय योजनाएं लाएगी। इसके लिए आवास विकास परिषद के कार्यक्षेत्र में विस्तार किया जा रहा है।
प्रदेश के ऐसे करीब 500 नगरों में भू-उपयोग नियोजन, विकास नियंत्रण तथा आवासीय योजनाओं के लिए विधिक व संस्थागत व्यवस्थाएं की जाएंगी।
प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। उन्होंने कहा है कि इससे छोटे नगरों का सुनियोजित विकास होगा और लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
आवास नीति 2014 का उद्देश्य नगरों में रहने वालों को बेहतर नागरिक सुविधाओं के साथ आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
विकास प्राधिकरण केवल प्रमुख शहरों में हैं, जबकि आवास विकास परिषद छोटे और बड़े नगरों दोनों स्थानों पर है।
इसलिए राज्य सरकार चाहती है कि आवास नीति के मुताबिक नगरों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवासीय सुविधा दी जाए।
इसके लिए 500 और नगरों में आवास विकास परिषद का दायरा बढ़ाने का निर्णय किया गया है।