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इन्वेस्टर्स समिट: 56 छोटे विमानों की पार्किंग को तैयार एयरपोर्ट

Tue, 20 Feb 2018 06:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अमौसी एयरपोर्ट
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इन्वेस्टर्स समिट को लेकर अमौसी एयरपोर्ट की तैयारियां पूरी हो गई हैं। एयरपोर्ट पर 56 छोटे विमानों तक की पार्किंग हो सकेगी। इतना ही नहीं पार्किंग मैनेजमेंट बेहतर बनाने के लिए चार्टर्ड विमानों के पायलटों के नंबर से लेकर अन्य जानकारियां ली जाएंगी, ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क किया जा सके। 

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21 व 22 फरवरी को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर अमौसी एयरपोर्ट से शहीद पथ और लोहिया पथ से लेकर गोमतीनगर तक का रंग-रोगन व सुंदरीकरण तक किया जा रहा है। एयरपोर्ट का सुंदरीकरण कार्य पूरा हो चुका है, जिससे रंगत निखर आई है।

उधर, एयरपोर्ट प्रशासन ने चार्टर्ड विमानों से आने वालों की सुविधा के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विमानों की पार्किंग से लेकर लाउंज व सिक्योरिटी से एंट्री-एग्जिट की व्यवस्थाएं मुकम्मल कर ली गई हैं। विशेष कार्याधिकारी संजय नारायण ने बताया कि अमौसी एयरपोर्ट पर 14 बड़े विमानों की पार्किंग की जगह है।
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एक जहाज की पार्किंग स्पेस में तीन से चार छोटे जहाजों को खड़ा किया जा सकता है। समन्वय स्थापित करने के लिए चार्टर्ड विमानों के पायलटों के नम्बर लेकर लगातार उनसे सम्पर्क बनाए रखा जाएगा, ताकि ट्रैफिक बढ़ने पर उन्हें सूचित किया जा सके। 

40 विमान रोजाना संभालने का है अनुभव 

वर्ष 2004 में सहारा शहर में एक वैवाहिक समारोह था। उस दौरान संजय नारायण एयर ट्रैफिक कंट्रोलर थे। उन्होंने बताया कि उस वक्त एक दिन में 40 जहाज तक आते थे, जिनकी पार्किंग की व्यवस्था बेहतरीन ढंग से की।

ऐसे ही जब यूपी में चुनाव हुए तो विमानों की पार्किंग में बेहतरीन मैनेजमेंट किया गया। इससे अच्छा-खासा अनुभव मिला है, जो इन्वेस्टर्स समिट में काम आएगा। तैयारियां हो चुकी हैं और इन्वेस्टर्स के विमानों की पार्किंग में कोई दिक्कत नहीं होगी।
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टाइम मैनेजमेंट पर फोकस

समिट के दौरान लखनऊ से दिल्ली, मुम्बई, पटना, जयपुर, देहरादून समेत बैंकॉक, शारजाह वगैरह की रुटीन फ्लाइट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, रुटीन फ्लाइट के संचालन को प्राथमिकता दी जाएगी। चार्टर्ड व छोटे विमानों की लैंडिंग-टेकऑफ व रुटीन फ्लाइटों की उड़ानों के टाइम मैनेजमेंट पर फोकस है। ताकि यात्रियों और इन्वेस्टर्स को कोई असुविधा न हो। 
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