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Lucknow News: स्ट्रोक के बाद लड़खड़ाई आवाज, मरीज को पैरालिसिस से बचाया

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लखनऊ। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने स्ट्रोक के बाद लड़खड़ाती आवाज के साथ पहुंचे 62 वर्षीय मरीज को पैरालिसिस होने से बचा लिया। जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें आरटीपीए (रिकॉम्बिनेंट टिश्यू प्लास्मिनोजेन एक्टिवेटर) इंजेक्शन दिया। कुछ देर बाद उनकी आवाज सामान्य हो गई। फिलहाल मरीज को आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है।
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सिविल अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि चिनहट निवासी देवेंद्र नाथ गुप्ता को मंगलवार सुबह अचानक स्ट्रोक पड़ा। परिजन उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। सीटी स्कैन में दिमाग में रक्तस्राव नहीं मिला। इसके बाद उन्हें आरटीपीए इंजेक्शन दिया गया। कुछ देर बाद वह सामान्य तरीके से बोलने लगे।
डॉ. विनोद ने बताया कि बाजार में आरटीपीए इंजेक्शन की कीमत करीब 40 हजार रुपये है, जबकि सरकारी अस्पताल में यह मरीज को मुफ्त दिया जाता है। इस्केमिक स्ट्रोक में समय पर आरटीपीए देने से दिमाग की रक्त नली में बने थक्के को घोलने में मदद मिलती है।
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शुरुआती साढ़े चार घंटे अहम
डॉ. विनोद के मुताबिक अचानक बोलने में दिक्कत, चेहरा टेढ़ा होना और हाथ-पैर में कमजोरी स्ट्रोक के प्रमुख संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखने के साढ़े चार घंटे के भीतर उपचार मिलने पर पैरालिसिस और मृत्यु का खतरा कम किया जा सकता है। अस्पताल निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता, सीएमएस डॉ. डीसी पांडे और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिवराज सिंह ने डॉ. विनोद और उनकी टीम को बधाई दी। निदेशक ने बताया कि न्यूरोसर्जन की तैनाती के बाद अस्पताल में न्यूरो मरीजों का इलाज शुरू हुआ है।
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