लखनऊ। केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (क्वीन मेरी) में बृहस्पतिवार को सुबह से दोपहर तक सर्वर की सुस्त रफ्तार रही। इस कारण परचा बनाने से लेकर कैश काउंटर तक पर लंबी कतारें लगी रहीं।
काफी मरीजों का समय रसीद बनवाने में निकल गया, लेकिन वे जांच नहीं करवा पाए। कुछ मरीजों की तो रसीद ही नहीं बन सकी। गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
सर्वर की धीमी रफ्तार के कारण जांच के लिए रसीद बनवाने के लिए सुबह दस बजे से कतार में लगीं महिलाओं का दोपहर एक बजे तक नंबर नहीं आया। जिनकी बारी आई, वे भी सर्वर सही होने का घंटों इंतजार करती रहीं। इस दौरान कई महिलाएं थककर जमीन पर ही बैठ गईं। दोपहर एक बजे काउंटर के सामने लंबी कतार देखने को मिली।
इंदिरानगर से बहन का इलाज कराने पहुंचीं रेशमा ने बताया कि रसीद न बन पाने से जांच नहीं हो सकी। अब शुक्रवार को फिर आना पड़ेगा। इस बीच उनकी बहन की हालत और खराब हो रही है। उधर, काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि ई हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर की जगह अब नेक्सॉन सॉफ्टवेयर लाया गया है। इसके बाद से परेशानी आ रही है। जो काम पहले पांच मिनट में होता था, अब उसमें दस मिनट लग रहे हैं। सर्वर की सुस्ती भी दिक्कत बढ़ा रही है।
खुर्रमनगर निवासी पल्टू ने बताया कि उनकी बेटी सीतापुर से इलाज करवाने आई थी। सुबह से कतार में लगने के बावजूद दोपहर डेढ़ बजे तक नंबर नहीं आया। रसीद लेने में ही पूरा समय निकल गया। जांच के लिए शुक्रवार को फिर आना होगा। उधर, केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि नए सॉफ्टवेयर की वजह से समस्या आई होगी। पहले इस्तेमाल हो रहा सॉफ्टवेयर बहुत पुराना हो गया था। विभाग ने सर्वर के सुस्त होने की जानकारी नहीं दी। इसकी जानकारी मिलती तो समस्या का तुरंत हल निकाला जाता। इस संबंध में जिम्मेदारों से जवाब मांगा जाएगा।
क्वीन मेरी में बृहस्पतिवार को काउंटर पर लगी भीड़।
क्वीन मेरी में बृहस्पतिवार को काउंटर पर लगी भीड़।