रायबरेली। शहर में जल निगम की ओर से सीवर लाइन और सड़कों को ठीक कराने में बरती जा रही लापरवाही और मनमानी की तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं। बुधवार को बचत भवन में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम माला श्रीवास्तव ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने के आदेश दिए।
बैठक में डीएम ने कहा कि परिवहन विभाग प्रवर्तन की कार्रवाई में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पिछले एक माह में 15 अवैध टैक्सी स्टैंड को हटाया जा चुका है। इस अभियान को लगातार चलाया जाए।
डीएम को बताया गया कि जिले में 4300 ई-रिक्शा का संचालन किया जा रहा है। इसमें 2600 ई-रिक्शा शहरी क्षेत्र में चल रहे हैं। डीएम ने कहा कि अब तक केवल 130 अवैध ई-रिक्शा व 45 ऑटो टैक्सी के खिलाफ चालान की कार्रवाई अपेक्षा से कम प्रतीत हो रही है। इस काम में तेजी लाई जाए। शहर के अंदर की सड़कों के आसपास अवैध पार्किंग तथा वेंडिंग जोन की समस्या के समाधान के लिए एक कार्य योजना तैयार की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।