91 करोड़ का बजट खर्च करने में ढिलाई पर जताई नाराजगी
समय से बजट खर्च करने का जारी फरमान, ढाई माह में सुधरेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
फोटो संख्या 30
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय कार्यक्रम रेंग रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओंं की बेहतरी और मरीजोंं को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 91 करोड़ से अधिक का बजट उपलब्ध है, लेकिन जिले में 27 नेशनल स्वास्थ्य प्रोग्रामों का संचालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। बजट होने के बावजूद काम कराने में सुस्ती बरती जा रही है।
सीएचसी स्तर पर एनसीडी क्लीनिकें बंदी के कगार पर हैं तो बाल स्वास्थ्य के राष्ट्रीय कार्यक्रम भी सुस्त हैं। समीक्षा के बाद सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को बजट खर्च करके राष्ट्रीय कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित कराने के आदेश दिए हैं। ढिलाई बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। कहा कि वित्तीय साल समाप्त होने से पहले बजट खर्च हो जाए।
अंधता निवारण, कुष्ठ रोग, क्षयरोग नियंत्रण, मानसिक रोग नियंत्रण, तंबाकू निषेध सहित 27 राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए स्वास्थ्य विभाग को बजट मिला है। कई बार बैठक में सीएमओ की चेतावनी के बाद भी वित्तीय वर्ष के नौ माह बीत गए हैं, लेकिन 91 करोड़ रुपये अब तक खातों में डंप हैं। एनसीडी क्लीनिकों का सही ढंग से संचालन न होने के कारण मरीजोंं की सीएचसी स्तर पर जांच की समुचित सुविधा नहीं मिल पा रही है। अंधता निवारण का कार्यक्रम भी राम भरोसे चल रहा है। वाहनों की व्यवस्था न हो पाने के कारण बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम भी पूरी तरह से प्रभावित है। खराब प्रगति के कारण प्रदेश में जिले का 38वां स्थान है। शासन स्तर से भी इस संबंध में नाराजगी जताई गई है।इनसेट
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख नेशनल प्रोग्राम में उपलब्ध बजट
राष्ट्रीय कार्यक्रम उपलब्ध बजट (लाखों में)
मैटेरनल हेल्थ 1409.00
चाइल्ड हेल्थ 611.10
फैमिली प्लानिंग 375.49
कंयुनिटी प्रोसेस 3440.00
आरबीएसके 331.19
रोगी कल्याण समिति 77.36
एनसीडी क्लीनिक 305.00
नेशनल लेप्रोसी 135.00
नेशनल वेक्टर बॉर्न 191.10
नेशनल ट्यूब्रेकोलोसिस 435.90
नेशनल रैबीज कंट्रोल 4.47
नेशनल टोबैको कंट्रोल 38.97
अंधता निवारण कार्यक्रम 62.90
बायोमेडिकल वेस्ट 113.35
अन्य प्रोग्राम 633.00
लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई
राष्ट्रीय कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित कराया जा रहा है। बजट भी समय से खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ