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इलाज की राह में रोड़ा बनी गोल्डन कार्ड बनाने की धीमी गति

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लखनऊ। राजधानी में आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड बनाने की धीमी गति मरीजों के इलाज में रोड़ा बनी है। कार्ड न होने पर निजी अस्पताल इलाज करने से मना कर रहे हैं। ऐसे में मरीज कार्ड बनवाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब शासन की ओर से निर्देश दिया गया है कि गोल्डन कार्ड बनाने के एवज में कॉमन सर्विस सेंटर 30 रुपये ले सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग का क हना है कि कॉमन सेंटर सहयोग नहीं कर रहे हैं।
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राजधानी के शहरी व ग्रामीण इलाकोंमें आयुष्मान योजना में 2,79,930 परिवार चयनित हैं। इसमें अभी तक 1,08,609 को ही गोल्डन कार्ड जारी किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 4,108 परिवार चयनित किए गए हैं। इनका भी गोल्डन कार्ड बनना है। सभी परिवारों को जल्द गोल्डन कार्ड मिल जाए, इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर को भी कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह भी निर्देश दिया गया है कि कॉमन सर्विस सेंटर अपने इलाके की ग्राम पंचायतों में जाकर शिविर लगाएं और सूची में जिन परिवारों का नाम दर्ज है, उनका कार्ड बनाएं। इसके लिए उन्हें हर परिवार से 30 रुपये फीस वसूलने की भी छूट दी गई है। इसके बाद भी कॉमन सर्विस सेंटर इस काम में रुचि नहीं ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शासन को पत्र भी भेजा गया है। इसमें बताया गया कि अभी तक बने कुल 108609 कार्ड में अस्पतालों द्वारा 86958 और कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा सिर्फ 21651 कार्ड जारी किए गए हैं।
केस 1
पारा निवासी निवासी सुंदर सिंह का नाम आयुष्मान योजना में है, लेकिन अभी तक उनका गोल्डन कार्ड नहीं बन पाया है। उनकी बेटी को पथरी है। वह आलमबाग के निजी अस्पताल में गए। अस्पताल आयुष्मान में पंजीकृत है, लेकिन कार्ड न होने से लौटा दिया। अब वह कार्ड बनवाने के लिए परेशान हैं।
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केस 2
नगराम निवासी मंजू रावत का नाम आयुष्मान सूची में है। एएनएम ने उन्हें सूचना दी। वह दो दिन मोहनलालगंज सीएचसी पहुंचीं, लेकिन उनका कार्ड नहीं बन पाया। उनके पति को किडनी संबंधी दिक्कत है। कार्ड न होने से इलाज प्रभावित हो रहा है।
सीएचसी जाएं, कार्ड मुफ्त में बनवाएं
आयुष्मान योजना के प्रभारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि कई जिलों में कॉमन सर्विस सेंटर करीब 80 फीसदी कार्ड बना चुके हैं, लेकिन लखनऊ में इनका सहयोग कम मिल रहा है। इस वजह से कार्ड बनाने की गति धीमी है। सभी लाभार्थियों को जल्द कार्ड मिल जाए, इसके लिए सीएचसी पर प्रतिदिन शिविर लग रहा है। यहां आशा व एएनएम कार्ड बना रही हैं। सूची में नाम है या नहीं, इसकेबारे में अपने गांव की आशा और एएनएम से संपर्क कर सकते हैं। उनके पास आयुष्मान संबंधित सूची है। सूची में नाम देखने के बाद सीएचसी पहुंच कर मुफ्त में कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना आधार कार्ड, वोटर कार्ड या राशन कार्ड अथवा बिजली, पानी का बिल अथवा अन्य पहचान पत्र लेकर जाना होगा।
जिनका नाम नहीं, उन्हें करना होगा इंतजार
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि आयुष्मान योजना में जनगणना 2011 केतहत परिवारों का चयन किया गया था। इसके बाद जिन लोगों का नाम नहीं था उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चयनित किया गया। इसके बाद भी जिन गरीब परिवारों का नाम सूची में नहीं है, उन्हें कुछ दिन इंतजार करना होगा। अनायास भाग दौड़ न करें। भविष्य में शासन की ओर से कोई गाइड लाइन जारी की जाएगी तो अन्य लोगों को भी योजना में शामिल किया जाएगा।
कार्ड नहीं, तो भी करा सकते हैं इलाज
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि यदि किसी लाभार्थी परिवार का नाम सूची में है और कार्ड नहीं बना है तो भी इलाज करा सकते हैं। सूची की फोटो कापी और अपना परिचय पत्र देकर इलाज शुरू कराएं। यदि समस्या हो तो सीएमओ कार्यालय या सीएचसी प्रभारी से मिल सकते हैं। यदि कोई अस्पताल इलाज रोकता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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