राज्यनिर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल
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उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में ईवीएम और मतदाता सूची चर्चा का विषय बनी रही। बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची से नाम कटने की शिकायत की। वहीं कई बूथों पर वोटिंग मशीन में खराबी के चलते मतदान प्रभावित हुआ।
सूत्रों की माने तो करीब एक लाख से ज्यादा मतदाता सूची में नाम न होने से यहां-वहां भटकते रहे। वोटिंग प्रतिशत कम होने की यह भी एक प्रमुख वजह मानी जा रही है। इन मुद्दों पर मीडिया से बात करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त एस के अग्रवाल ने कहा कि इतने बड़े काम में गलतियां होती हैं। वोटिंग मशीनों को हमेशा ज्यादा मात्रा में रखा जाता है, जो खराब होती हैं उन्हें बदला जाता है। इस वजह से कहीं मतदान बाधित नहीं हुआ।
वोटर लिस्ट को लेकर जारी बवाल पर कहा कि 2012 में वोटर लिस्ट में कोई शिकायत नहीं हुई। इस बार वोटर लिस्ट को और दुरुस्त किया गया है। करीब 94 लाख मतदाता बढ़ाये गए और जिनके नाम दो जगह थे उन्हें हटाया गया है। हालांकि उन्होंने माना कि पर्ची बांटने के काम में ढिलाई बर्ती गई है।