उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने पारदर्शिता और नियमों के उल्लंघन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रशिक्षण केंद्रों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बागपत के छह कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, इन संस्थानों पर वित्तीय वर्ष 2026-27 से लेकर 2028-29 तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस अवधि के दौरान इन्हें मिशन की ओर से कोई भी नया काम या प्रोजेक्ट अलॉट नहीं किया जाएगा। मिशन निदेशक ने इन सभी छह केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है। साथ ही उन्होंने अन्य जिलों के जिलाधिकारियों से उनके जिलों में संचालित कौशल प्रशिक्षण केन्द्रों का औचक निरीक्षण करने का अनुरोध किया है, ताकि युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलना सुनिश्चित हो सके।
23 मई को हुआ था औचक निरीक्षण
यह पूरी कार्रवाई बागपत के जिलाधिकारी की गोपनीय और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। दरअसल, जिला कौशल समिति की यह अहम जिम्मेदारी होती है कि जिले में चल रहे सभी प्रशिक्षण केंद्र मानकों के अनुसार सही तरीके से संचालित हों।
इसी क्रम में डीएम बागपत ने 23 मई को जिले के सभी कौशल प्रशिक्षण केंद्रों का औचक निरीक्षण करवाया था। जांच के दौरान इन छह केंद्रों पर गंभीर अनियमितताएं, मानकों की अनदेखी और गड़बड़ियां पाई गईं। रिपोर्ट मिलते ही डीएम ने इन दागी संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति शासन और मिशन मुख्यालय को भेजी थी।
ये छह संस्थान हुए ब्लैकलिस्ट
जांच में दोषी पाए जाने के बाद इन संस्थाओं पर लटका ताला :
- भारतीय महिला कल्याण एवं शोध संस्थान
- नक्श वेंचर प्राइवेट लिमिटेड
- मिशन ऑफ स्किल इंडिया फाउंडेशन
- टेक मैक वैल्यूअर एलएलपी
- आर्यभट्ट एजूकेशन रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट समिति
- जन चेतना युवा क्लब
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि किसी भी प्रशिक्षण संस्था द्वारा मानकों की अनदेखी, फर्जीवाड़ा या प्रशिक्षार्थियों के हितों से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बागपत में जिन संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वह स्पष्ट संदेश है कि मिशन पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा, अन्यथा उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।