लखनऊ। केजीएमयू परिसर में बने मजारों को लावारिस घोषित किया गया है। बार-बार नोटिस जारी होने के बाद भी किसी भी पक्ष ने मालिकाना हक का वैध दस्तावेज नहीं दिया। अब मजार को ध्वस्त करने के बजाए शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए जिला व पुलिस प्रशासन से अनुमति मांगी गई है।
परिसर में अवैध रूप से निर्मित छह मजारें हैं, जो क्वीनमेरी, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, आर्थोपैडिक्स, ट्रॉमा सेंटर, नेत्र रोग विभाग, गांधी वार्ड में हैं। इन मजारों को हटाने के लिए केजीएमयू प्रशासन लंबे समय से कार्रवाई कर रहा है। केजीएमयू प्रशासन ने जिम्मेदार पक्षों को नोटिस जारी कर मालिकाना हक का दावा पेश करने के लिए 15 दिनों का समय दिया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अतिरिक्त समय मिलने के बाद भी किसी भी व्यक्ति ने कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया।
इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने संस्थान की कुलसचिव को रिपोर्ट सौंपकर बुलडोजर कार्रवाई की संस्तुति भेजी है। पुलिस बल और प्रशासनिक उपलब्धता मिलते ही इस अवैध निर्माण को हटा दिया जाएगा। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि शुक्रवार को अवैध रूप से निर्मित मजार को लावारिस घोषित कर दिया गया है। मजारों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए स्थानों चिह्नित किए जाएंगे। मजार हटने से परिसर से अतिक्रमण हटेगा।