यूपी के छह पुलिस कर्मियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक के लिए चुना गया है। साथ ही 70 पुलिस कर्मियों को दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक दिया जाएगा। इसके अलावा 651 पुलिस कर्मी उत्कृष्ट, सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न और प्रशंसा चिह्न से नवाजे जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि 15 अगस्त की तरह इस बार भी यूपी से ढाई लाख की फोर्स में से एक भी राष्ट्रपति के वीरता पदक के काबिल नहीं मिला।
जिन अधिकारियों व पुलिस कर्मियों को राष्ट्रपति का पुलिस पदक मिलेगा उनमें डीआईजी बस्ती राकेश चंद्र साहू, डीआईजी झांसी जवाहर, गाजियाबाद में तैनात हेड कांस्टेबिल शांति स्वरूप, पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद में तैनात दरोगा रमाकांत पांडेय, बरेली में तैनात हेड कांस्टेबिल नरेश पाल सिंह और गाजीपुर में तैनात हेड कांस्टेबिल स्वतंत्र प्रकाश सिंह को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक के लिए चुना गया है। वहीं 70 पुलिस कर्मियों को दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं का पुलिस पदक दिया जाएगा।
इसके अलावा गणतंत्र दिवस पर डीजीपी प्रशंसा चिह्न पाए पुलिस कर्मियों को भी सम्मानित किया जाएगा। इन 651 पुलिस कर्मियों को उत्कृष्ट, सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न और प्रशंसा चिह्न दिया जाएगा। डीजी विजिलेंस हितेश अवस्थी, डीजी पीएसी आरके विश्वकर्मा, एडीजी पीएचक्यू बीपी जोगदंड, आईजी नवनीत सिकेरा, गृह सचिव भगवान स्वरूप, आईजी भर्ती बोर्ड वितुल कुमार, डीजीपी के सहायक संजय सिंघल, एसपी आगरा अमित पाठक, एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार समेत 150 पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को पुलिस महानिदेशक का प्रशंसा चिह्न (स्वर्ण) दिया जाएगा।
वहीं, 251 अधिकारियों व कर्मियों को डीजीपी का प्रशंसा चिह्न (सिल्वर) दिया जाएगा। इनमें डीजी अभिसूचना भवेश कुमार सिंह, एडीजी सुरक्षा विजय कुमार, एडीजी क्राइम चंद्र प्रकाश, आईजी ए सतीश गणेश, डीआईजी प्रवीण कुमार, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश शामिल हैं।