राज्य सरकार ने चुनावी वर्ष में गरीबी रेखा से नीचे रह रहे छह लाख और बुजुर्गों को पेंशन का तोहफा देने का फैसला किया गया है। इस बाबत शासन ने सभी डीएम और कमिश्नर को निर्देश जारी कर दिए हैं।
राज्य सरकार 60 साल या उससे ऊपर के गरीब बुजुर्गों को पेंशन देती है। 60-79 वर्ष तक 300 रुपये महीने और इसके बाद यह राशि 500 रुपये महीना कर दी जाती है।
79 वर्ष तक दी जाने वाली पेंशन में 200 रुपये केंद्र और 100 रुपये राज्य सरकार का हिस्सा होता है। वहीं, उसके बाद पूरी राशि का भुगतान केंद्र सरकार करती है।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की सालाना आमदनी ग्रामीण क्षेत्र में 46080 रुपये और शहरी क्षेत्र में 56450 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
केंद्र सरकार की ओर से मिले कोटे के अनुसार उत्तर प्रदेश में अधिकतम 43.5 लाख पेंशनर हो सकते हैं। फिलहाल, 39 लाख पेंशनर हैं, लेकिन सत्यापन में भारी तादाद में पेंशनर फर्जी मिले हैं। इन्होंने उम्र व आय का जाली प्रमाणपत्र लगाकर योजना का लाभ लिया है।