राजधानी लखनऊ में अलग-अलग तरह से लोगों से साइबर क्राइम की घटनाओं को अंजाम देने वाले छह जालसाजों को बीबीडी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 26 लाख रुपये नकद और 1.30 करोड़ रुपये कीमत की क्रिप्टो करेंसी के अलावा अन्य सामान मिला है। आरोपी ठगी की रकम मंगाने के लिए सीधे-साधे लोगों के बैंक खातों का प्रयोग करते थे। अब तक की जांच में पता चला है कि ये 14.80 करोड़ रुपये अलग-अलग म्यूल खातों में मंगवा चुके हैं।
आरोपियों के पास से 26 लाख रुपये, 1.30 करोड़ रुपये कीमत की क्रिप्टो करेंसी, 16 चेकबुक, 15 डेबिट कार्ड, 2 आधार कार्ड, एक निर्वाचन कार्ड, 9 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक बाइक बरामद की गई है। जालसाजों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को डीसीपी ने 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
उन्होंने बताया कि इस गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। बरामद मोबाइल व लैपटॉप का डाटा एक्स्ट्रेक्टर किया जाएगा। पुलिस आरोपियों के बारे में अन्य जनपदों से भी उनके आपराधिक इतिहास के बारे में पता लगा रही है।
पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि आरोपी लोगों को निवेश, बैंक अधिकारी बन और डिजिटल अरेस्ट कर कर ठगी करते थे। ठगी की रकम आरोपी म्यूल खातों में मंगवाते थे। खाते में रकम आने के बाद आरोपी डेबिट कार्ड का प्रयोग कर रकम निकाल लेते थे। इसके बाद ठगी की रकम से ऑनलाइन क्रिप्टो करेंसी खरीदकर उसको ऑनलाइन ही ऊंचे दाम में बेच देते थे।
डीसीपी ने बताया कि आरोपी ग्रामीण इलाके के लोगों के दस्तावेज हासिल कर उनके नाम से खाता खुलवाते थे। खाते की चेक बुक व डेबिट कार्ड जालसाज अपने पास रख लेते थे। इसके बाद उन्हीं खाता (यानि म्यूल अकाउंट) में ठगी की रकम मंगवाते थे।