लखनऊ। दूसरों के म्यूल खातों में ठगी की रकम लेकर उसे आगे बढ़ाने वाले गिरोह के छह आरोपियों को कैसरबाग पुलिस ने बृहस्पतिवार को लाटूश रोड स्थित होटल आशीर्वाद से पकड़ा। इनमें से चार नाबालिग हैं। आरोपियों के छह बैंक खातों में ठगी के 3.28 करोड़ रुपये जमा थे। पुलिस ने इन खातों को फ्रीज करा दिया है। आरोपी 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में काम कर रहे थे।
इंस्पेक्टर कैसरबाग अंजनी कुमार मिश्र ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बिहार के गोपालगंज निवासी रितेश सिंह और काकोरी के डिघिया का प्रिंस कुशवाहा है। आरोपी किशोरों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि आशीर्वाद होटल के कमरा नंबर 101 में ठहरे लोग दूसरों को लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाते हैं। इसके बाद उन खातों में साइबर ठगी की रकम लेते हैं। टीम ने छापा मारा तो होटल में चार नाबालिग और रितेश सिंह मिला। पांचों को ठगी करते हुए पकड़ा गया।
एसबीआई में खोले थे छह खाते
आरोपियों ने बताया कि वे साइबर ठगी की रकम का लेन-देन एसबीआई बैंक के छह खातों में कराते थे। इसके बाद रकम को डेबिट कार्ड के जरिये निकालकर गिरोह के मो. उमर और परवेज को देते थे। इसके बदले दोनों कमीशन देते थे। इंस्पेक्टर के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर प्रिंस कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली के राहुल के नाम पर मिले दो खाते
पुलिस को आरोपियों के दो और बैंक खातों की जानकारी मिली। ये अकाउंट नोएडा निवासी राहुल नेगी के नाम पर खोले गए थे। पहला खाता इंडियन ओवरसीज बैंक वसुंधरा गाजियाबाद और दूसरा बैंक ऑफ बड़ौदा नोएडा का था।
आरोपियों के साथियों की तलाश में लगी पुलिस
पकड़े गए आरोपियों के पास से छह डेबिट कार्ड, पांच मोबाइल फोन, एक सिमकार्ड, स्वैपिंग मशीन, ठगी में इस्तेमाल बाइक और 5600 रुपये मिले हैं। इंस्पेक्टर के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने गिरोह के अन्य साथियों के बारे में बताया है। पुलिस सर्विलांस के जरिये इन्हें ट्रेस करने की कोशिश कर रही है।