फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitapur News : तीन पेड़ काटने पर बड़े भाई ने दो छोटे भाइयों को मार डाला, दूसरे भाई की दौड़ा कर की हत्या

Fri, 25 Nov 2022 07:29 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर

सार

अपनी आंखों के सामने ही भाई की हत्या को देखने के बाद मुनींद्र ने भांप लिया था कि आरोपियों के सिर पर जुनून सवार है। वह मुनींद्र की भी हत्या कर देगे। इसलिए उसने अपनी जान बचाने के लिए दौड़ लगा दी, लेकिन आरोपियों ने उसे पकड़ कर मौत के घाट उतार दिया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साझे के खेत में लगे यूकेलिप्टस के तीन पेड़ काटने पर बड़े भाई ने अपने बेटों के साथ मिलकर दो छोटे भाइयों की धारदार हथियारों से हत्या कर दी। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी पर एसपी घुले सुशील चंद्रभान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। आरोपियों की तलाश की जा रही है। 

विज्ञापन

 

सीतापुर जिले में थाना रामकोट कोतवाली क्षेत्र के तहत बीहटगौड़ निवासी सुनील खेती करते हैं। परिवार में सुनील के तीन और छोटे भाई मनीष उर्फ ननहऊ (54), राजू, मुनेंद्र उर्फ मुन्नर (32) थे। पड़ोस केे गांव गूजरपुर में चारों भाइयों का साझे में खेत है। इस खेत की मेड़ पर यूकेलिप्टस के 13 पेड़ लगे थे। शुक्रवार को दोपहर में मनीष और मुनेंद्र पेेड़ काट रहे थे। तीन पेड़ काटे जाने की जानकारी पर सुनील आक्रोशित हो गया और अपने पुत्रों के साथ धारदार हथियारों से लैस होकर खेत पर पहुंच गया। यहां पहुंचते ही सुनील और मनीष के बीच विवाद हुआ।

 

इसके बाद सुनील ने अपने बेटों के साथ मिलकर मनीष पर हमला बोल दिया। मौके पर ही मनीष की मौत हो गई। यह देख मुनींद्र ने मौके से भागने की कोशिश की। लेकिन आरोपियों ने सौ मीटर दौड़ाने के बाद मुनींद्र की भी हत्या कर दी। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। जानकारी पर सीओ सिटी सुशील सिंह, महोली सीओ अमन सिंह, रामकोट एसओ संजीव कुशवाहा और महोली इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला पुलिस मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी की। एसपी भी मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों से बात की। दोनों शव रामकोट थाने की पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। 

शव देख बदहवास हुई मुनीषा, बेटे ने संभाला
भाइयों की हत्या की जानकारी पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। शव देखकर मनीष की पत्नी मुनीषा बदहवास होकर गिर पड़ी। बेटे जयप्रकाश ने उसे संभालने की कोशिश की। यह देखकर हर किसी की आंखे नम हो गईं। मनीष के परिवार में पत्नी व दो पुत्र हैं, जबकि मुनीद्र के परिवार में पत्नी मीना, दो विवाहित पुत्रियां और चार पुत्र हैं। 

विज्ञापन


खून और कपड़ों के टुकड़ों का लिया नमूना 
एसपी के आदेश पर फॉरेसिंक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से खून से सनी हुई मिट्टी और फटे हुए कपड़ों के नमूने लिए हैं। इसके अलावा भी आसपास से कुछ नमूने टीम ने लिए हैं। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने घर से फरार हो गए हैं। उनके घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। इधर स्वाट टीम आरोपियों के नंबर को ट्रेस करने में जुटी हुई है। आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के बाद अपने मोबाइल नंबर बंद कर दिए हैं। 

जिंदगी के लिए लगाई दौड़ पर मिली मौत
अपनी आंखों के सामने ही भाई की हत्या को देखने के बाद मुनींद्र ने भांप लिया था कि आरोपियों के सिर पर जुनून सवार है। वह मुनींद्र की भी हत्या कर देगे। इसलिए उसने अपनी जान बचाने के लिए दौड़ लगा दी, लेकिन आरोपियों ने उसे पकड़ कर मौत के घाट उतार दिया।

तीन माह पहले की हुई थी मां की मौत
करीब तीन माह पहले ही मृतकों की मां की भी मौत हो गई थी। जिसके बाद से ही घर में विवाद होना शुरू हो गया। मृतक के भाई रामू ने बताया कि एक बार इन पेड़ों को काटा जा चुका था। जिसको आरोपी ने बेच लिया था। दोबारा उसी जड से पेड़ निकले थे। जिन पर आरोपी अपना अधिकार जता रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें