हत्यारे तक पहुंचने की कोशिश करती पुलिस।
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रामपुर थाना क्षेत्र की घटना पर मृतक अनुराग कुमार सिंह के ससुरालीजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। लखनऊ जनपद के गोमतीनगर विस्तार निवासी अंकित सिंह मृतका प्रियंका सिंह के भाई हैं। अंकित सिंह ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना एक प्री प्लान्ड मर्डर है...साफ साफ पता चल रहा है कि मेरे जीजा अनुराग कुमार सिंह के भाई अजीत सिंह और उसके साथ दो तीन अज्ञात लोगों ने इस नरसंहार को अंजाम दिया है। इतने बड़े नरसंहार को कोई एक व्यक्ति अंजाम नहीं दे सकता। उन्होंने बताया कि मेरी बहन प्रियंका को मारा गया।
इसके साथ मेरी बहन की सास को हथौड़ी से मारा गया। मेरी दो भांजियों और भांजे को छत से फेंका गया और तड़पने दिया गया। इतने बड़े घर में इन बच्चों को उठाने कोई नहीं आता है। मेरी एक भांजी को पौन घंटे बाद ग्रामीण उठाकर अस्पताल ले गये। उसने बीच अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं, मेरे एक भांजे ने लखनऊ लाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। उन्होंने यह भी बताया कि सुबह छह बजे अंकित को उनकी बहन ने घटना की सूचना दी। उन्हें भी किसी रिश्तेदार ने घटना की सूचना दी थी। जब वहां पहुंचा तो मंजर देखकर दंग रह गया। नरसंहार के घटनास्थल जैसा दृश्य था...चारों तरफ खून और लाशें थीं। अंकित ने कहा कि पुलिस से मांग है कि निष्पक्ष जांच करें। दोषियों को कड़ी सजा मिले।
मेरे जीजा मनोरोगी नहीं....पुलिस की यह थ्योरी गलत
अंकित सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस मेरे जीजा अनुराग सिंह को मानसिक विक्षिप्त बता रही है। यह सरासर गलत है। यह सीधा मामला प्रापर्टी विवाद का है। आरोप लगाया कि जीजा अनुराग सिंह शरीफ व्यक्ति थे। परिवार संपन्न था। उनके पास अवैध असलहा मिलना संदिग्ध प्रतीत होता है। ऐसा व्यक्ति अवैध असलहा, हथौड़ी रखेगा और इस तरह की घटना करेगा। यह गले नहीं उतर रहा है। अगर एक पल के लिए यह मान लिया जाए कि दोनों चीजें जीजा अनुराग सिंह के पास मौजूद थीं तो बाकी घर के लोग तो नशे में नहीं थे, किसी को क्यों नहीं दिखा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात 8 बजे प्रापर्टी को लेकर ही विवाद हुआ था। इसके बाद देर रात यह घटना हुई। मान लिया जाए कि किसी भी तरह का विवाद हुआ तो क्या विवाद बच्चों से था। ऐसा नहीं हो सकता। यह पूरी तरह सुनियोजित हत्याकांड है।