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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी ने तीन दिन बाद भी नहीं सौंपी रिपोर्ट, बड़े पदाधिकारी को बचाने की कोशिश की आशंका

Tue, 23 Jun 2026 04:11 AM IST
Digvijay Singh सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ

सार

राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी को बचाने की जद्दोजहद चल रही है, ताकि वह बेदाग रह सकें। इसलिए मंथन चल रहा है कि किस पर और किस तरह की कार्रवाई की जाए।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी को बचाने की जद्दोजहद चल रही है, ताकि वह बेदाग रह सकें। इसलिए मंथन चल रहा है कि किस पर और किस तरह की कार्रवाई की जाए। एसआईटी को लौटे तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक नहीं पहुंच सकी है।

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चोरी का मामला उजागर होने के बाद से ट्रस्ट के पदाधिकारी उसे दबाने में जुटे थे। एसआईटी की टीम ने छह दिन तक अयोध्या में तफ्तीश कर चढ़ावे में हेरफेर के साक्ष्य जुटाए। छानबीन में यह भी सामने आया कि पदाधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर किस तरह रिश्तेदारों व करीबियों को मंदिर प्रबंधन में काम पर रखा हुआ था। इसलिए एसआईटी ने एक तरफ आपराधिक कृत्य करने वालों की सूची तैयार की और दूसरी तरफ लापरवाही बरतने वाले बैंक अधिकारियों व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के नाम भी रिपोर्ट में शामिल किए। 

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इसमें एक बड़ा नाम भी शामिल है, जिनकी ट्रस्ट में भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। सोशल मीडिया पर उनको लेकर तमाम चर्चाएं भी हैं। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई में देरी की वजह भी इसी नाम को माना जा रहा है। जब तक इस बारे में ऊपर यानी दिल्ली से निर्देश नहीं मिलेंगे, तब तक कोई कार्रवाई संभव नहीं है।

कर्नाटक में कार्यक्रम में शामिल हुए गोपाल राव 
मामले में निर्माण समिति के गोपाल राव चर्चा में हैं। उनकी भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि शनिवार देर शाम एसआईटी के लौटने के बाद गोपाल राव कर्नाटक चले गए और वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उसके फोटो और वीडियो भी वायरल हैं। पहले बताया जा रहा था कि एसआईटी ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े सभी लोगों के जिले के बाहर जाने पर रोक लगा दी है। 

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब 24 को होगी सुनवाई

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के आरोपों वाले मामले में सोमवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में समयाभाव की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में दाखिल जनहित याचिका (पीआईएल) पर 24 जून को सुनवाई संभावित है। याचिका में मामले की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से कराने की मांग की गई है।

सोमवार को न्यायमूर्ति पंकज भाटिया और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की ग्रीष्म अवकाश कालीन खंडपीठ के समक्ष पीआईएल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी। समय की कमी के कारण अदालत इस पर सुनवाई नहीं कर सकी और अब 24 जून को सुनवाई हो सकती है। अधिवक्ता मोहित अशोक द्वारा दाखिल याचिका में अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में आने वाले धन के कथित गबन की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही कैग से पूरे मामले का ऑडिट कराए जाने की भी अनुरोध किया गया है।
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