सोनभद्र में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे व गलत तरीके से बेचने वालों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की विवेचना एसआईटी मंगलवार को शुरू करेगी। इसके लिए एसआईटी टीम के अध्यक्ष डीआईजी जे रविंद्र गौड़, एएसपी अमृता मिश्रा, विवेचक विनोद त्रिपाठी और सह विवेचक दो इंस्पेक्टर सुबह सोनभद्र रवाना होंगे। मुख्यमंत्री ने विवेचना के लिए दो महीने का समय दिया है।
एसआईटी के डीजी आरपी सिंह ने साफ किया कि एसआईटी केवल भ्रष्टाचार व अनियमितता के मामले में हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर की ही विवेचना करेगी। जबकि 17 जुलाई को सोनभद्र में हुए सामूहिक हत्याकांड को लेकर दर्ज एफआईआर की विवेचना सोनभद्र पुलिस ही करेगी।
उन्होंने बताया कि इस मामले में जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उन्हें हालात के हिसाब से लखनऊ बुलाकर या सोनभद्र में पूछताछ की जाएगी। इस मामले में बिहार के रहने वाले एक आईएएस अधिकारी की पत्नी को भी नामजद किया गया है।
उन्हें भी नोटिस देकर बुलाया जाएगा। इसके अलावा पुलिस और प्रशासनिक अफसर जो उस समय तैनात रहे हैं, उनके भी बयान एसआईटी दर्ज करेगी।